अयोध्या। शहरी क्षेत्र में विकसित की गईं पांच कॉलोनियां अब अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) की ओर से नगर निगम को हैंडओवर की जाएंगी। इसके बाद इन कॉलोनियों के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम की होगी। इन सभी कॉलोनियों की प्रकाश व्यवस्था बिजली निगम को सौंपी जाएगी। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है।
एडीए की ओर से बाग बिजेसी की प्रधानमंत्री आवासीय योजना, जनकपुरी, जानकी विहार, चक्रतीर्थ और ट्रांसपोर्ट नगर को सभी मूलभूत जनसुविधाओं से लैस करते हुए पूरी तरह से विकसित कर दिया गया है। इन सभी कॉलोनियों में शहरी बुनियादी ढांचे के चार आवश्यक घटक सीवेज, नाली, सड़क और प्रकाश व्यवस्था का बेहतर इंतजाम किया गया है। हैंडओवर किए जाने के बाद इन कॉलोनियों में सीवेज, नाली और सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम के कंधों पर आ जाएगी। जबकि प्रकाश व्यवस्था के लिए बिजली निगम जवाबदेह होगा।
इसी कड़ी में एडीए की ओर से ही विकसित की गई साकेतपुरी फेज-एक और कौशलपुरी फेज एक की सीवेज व्यवस्था को भी अब नगर निगम को हैंडओवर किए जाने की तैयारी है। इन दोनों कॉलोनियों के बुनियादी ढांचे के अन्य घटक पहले ही नगर निगम और बिजली निगम को हैंडओवर किए जा चुके हैं। एडीए की ओर से विकसित इन सातों कॉलोनियों में शहर की बड़ी आबादी निवास करती है। यहां पर एडीए की ओर से कई उच्चस्तरीय पार्क भी बनवाए गए हैं।
शहरी बुनियादी ढांचे के सभी घटकों की मौजूदा स्थिति का होगा मूल्यांकन
इस बारे में एडीए के उपाध्यक्ष अश्विनी पांडेय ने अमर उजाला को बताया कि इन सभी विकसित की जा चुकी कॉलोनियों को हैंडओवर किए जाने से पहले नगर निगम और बिजली निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर शहरी बुनियादी ढांचे के सभी घटकों की मौजूदा स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा। यदि नगर निगम और बिजली निगम की ओर से कोई कमी बताई जाएगी तो उसे दूर करने के बाद ही हैंडओवर किए जाने की प्रकिया पूरी होगी।