अयोध्या। डेंगू का प्रकोप इन दिनों चरम पर है। इसके बावजूद लोग मच्छरों के प्रति गंभीर नहीं दिख रहे हैं। बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 5.44 लाख मकानों में डेंगू के स्रोत तलाशे तो 287 घरों में इसके लार्वा पनपते मिले। मच्छरों के स्रोत नष्ट कराकर गृह स्वामियों को नोटिस दिया गया है।
गतवर्ष जिले में डेंगू का प्रकोप चरम पर था। साल भर में 695 मरीज इसकी चपेट में आए थे। इस बार पुनरावृत्ति से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया इकाई ने गतिविधि तेज की है। इसकी डीबीसी (डोमेस्टिक ब्रीडर चेकअप) की टीम घर-घर जाकर विभिन्न पात्रों में डेंगू के लार्वा की जांच कर रही है।
इन टीमों ने अब तक 5.44 लाख घरों मे लार्वा ब्रीडिंग की पड़ताल की है। इनमें 287 मकानों में डेंगू के लार्वा मिले हैं। 10.93 लाख पात्रों की जांच की गई, जिनमें 333 पात्रों में डेंगू के मच्छर मिले हैं। वहीं, 8,923 जगहों पर डेंगू मच्छरों का स्रोत नष्ट कराया गया है। जबकि, घोर लापरवाही बरतने वाले 161 गृह स्वामियों को नोटिस देकर भविष्य में सतर्क रहने की अपील की गई है।
सीएमओ कार्यालय में तैनात एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि डेंगू के प्रति लापरवाही घातक हो सकती है। अपने आसपास खुले पात्रों में पानी एकत्र न होने दें। फ्रिज की ट्रे में हर सप्ताह पानी बदलते रहें। मच्छरों से बचने के उपाय करें। घर के आसपास साफ-सफाई रखें। खुद भी सतर्क रहें और लोगों को इसके प्रति जागरूक करें।