अयोध्या। दिव्य दीपोत्सव सकुशल संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था चुस्त की जा रही है। इसके लिए अयोध्या धाम को 18 जोन और 42 सेक्टर में बांटा गया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा है। सीमाओं पर सुरक्षा घेरा कड़ा किया गया है, जहां सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है।
17 अक्तूबर से दीपोत्सव शुरू हो रहा है। इस दौरान अयोध्या समेत प्रदेश के अन्य जिलों से लोगों का आवागमन रहता है। साथ ही काफी संख्या में वीवीआईपी इस स्वर्णिम पल के साक्षी बनते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था अहम है। इसके लिए पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। एटीएस, एसटीएफ, आईबी समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर इनपुट तलाशा जा रहा है।
वहीं, प्रत्येक जोन की निगरानी एएसपी स्तर के अधिकारी करेंगे। सेक्टर में सीओ और इंस्पेक्टर को जिम्मेदारी दी जाएगी। आयोजन के लिए अन्य जिलों से भी सुरक्षाकर्मी मांगे गए हैं। अर्द्धसैनिक बलों की नौ और आरएएफ की तीन कंपनी लगाई गई है। इसके अलावा लगभग 15 अपर पुलिस अधीक्षक, 35 पुलिस उपाधीक्षक, 450 निरीक्षक व उप निरीक्षक और लगभग 1500 मुख्य आरक्षी और आरक्षी तैनात किए जाएंगे।
सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से जुड़वा शहर की निगरानी होगी। यलो जोन के अलावा अन्य जगहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे एकीकृत रहेंगे। कंट्रोल रूम में तैनात सुरक्षाकर्मी इन कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। एसएसपी ने पूरी टीम के साथ कई चरणों में भीड़ भाड़ वाले इलाके, आयोजन स्थलों आदि का निरीक्षण करके सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार किया है।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि सीमाओं पर सुरक्षा सख्त की गई है। सभी बैरियर पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। संदिग्ध वाहनों को चेकिंग के बाद प्रवेश दिया जा रहा है। शहर के होटल, धर्मशाला, लॉज आदि में आगंतुकों का सत्यापन कराया जा रहा है। नए आगंतुक के आने की सूचना पुलिस को देने का निर्देश दिया गया है।