24- भारत माता की आरती उतारकर हिंदू सम्मेलन का उद्घाटन करते डॉक्टर अनिल मिश्र व अन्य- संवाद
अयोध्या। धर्म केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा है। जब समाज संगठित रहता है तभी संस्कृति सुरक्षित रहती है। आवश्यकता है हम संगठन की शक्ति को समझें और सामाजिक जागृति को जन-जन तक पहुचाएं। उक्त बातें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने कहीं। वह शिवदयाल जायसवाल इंटर काॅलेज में संघ के शताब्दी वर्ष पर आयोजित हिंदू सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि यदि धर्म सुरक्षित रहेगा, तो ही भारत की भूमि, अस्मिता और संस्कार सुरक्षित रहेंगे। मुख्य वक्ता महंत वैदेही बल्लभ शरण ने कहा कि सनातन धर्म भारत की चेतना है। संगठन, संस्कार और सेवा यही जागृति का मूल मंत्र है। यदि समाज एकजुट रहेगा तो कोई भी शक्ति हमारी सांस्कृतिक विरासत को क्षति नहीं पहुंचा सकेगी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वह अपने धर्म, परंपरा और राष्ट्र के प्रति जागरूक हों और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करें। महानगर प्रचारक सुदीप ने कहा कि समाज की जागृति का सबसे बड़ा आधार संगठन की शक्ति है। संगठन के माध्यम से ही समाज में संस्कार, सेवा और सुरक्षा की भावना विकसित होती है।
इससे पहले भारत माता की आरती कर सम्मेलन का उद्घाटन किया गया। संचालन प्रधानाचार्य अवनि कुमार शुक्ल ने किया। सम्मेलन में महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, महंत राम शरण दास रामायणी, महंत संतोष दास, रविदास, पार्षद प्रतिनिधि महेंद्र शुक्ल, महेंद्र त्रिपाठी समेत अन्य मौजूद रहे।