अयोध्या। हनुमानगढ़ी क्षेत्र में शुक्रवार को पुलिस व व्यापारियों के बीच झड़प हो गई। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने व्यापारियों की पिटाई की जिसमें एक व्यापारी का सिर फट गया। नाराज व्यापारियों ने हनुमानगढ़ी क्षेत्र की बाजारों को बंद कर दिया और हनुमानगढ़ी मंदिर के सामने जन्मभूमि पथ पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे।
व्यापारियों का आरोप है पुलिस ने प्रसाद बेच रहे एक व्यापारी अजय गुप्ता को लाठी से बुरी तरह पीटा। घटना के बाद व्यापारी दुकान बंद कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सूचना पर एसपी सिटी मधुबन सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे व व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन व्यापारी आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग पर अड़ रहे। बताया गया कि दोपहर 12:30 बजे रेलिंग में श्रद्धालुओं की लंबी लाइन थी। एक श्रद्धालु ने पानी मांगा तो व्यापारी पानी देने के लिए रेलिंग के पास गया ही था कि पीछे से पुलिसकर्मी आए और व्यापारी अजय गुप्ता व शिवम गुप्ता को गाली देने लगे। विरोध करने पर लाठी-डंडों से पिटाई की गई, जिससे अजय गुप्ता का सिर फट गया। घटना के बाद आक्रोशित व्यापारियों ने दुकानें बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मामले को बढ़ता देख हनुमानगढ़ी अखाड़ा की ओर से सागरिया पट्टी के उत्तराधिकारी महंत संजय दास ने भी हस्तक्षेप किया। उनकी मौजूदगी में व्यापारियों व पुलिस अधिकारियों की बैठक हुई। बंदिशों को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। पुलिस की ओर से घटना के लिए माफी मांगी गई और घायल को इलाज के लिए श्रीराम अस्पताल भेजा गया। इस दौरान करीब तीन घंटे तक बाजार बंद रहा।
व्यापारी नेता नंद कुमार गुप्ता का आरोप है कि जिस तरह से पुलिस कर्मियों ने सीओ अयोध्या की मौजूदगी में व्यापारी को पीटा है वह दुखद है। इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। अयोध्याधाम में बेवजह की बंदिशों से व्यापारी परेशान हैं, व्यापारियों की भी चिंता की जानी चाहिए। अयोध्या व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा कि पुलिस ने जो किया वह निंदनीय है। भविष्य में ऐसा न होने पाए, हम आशा करते हैं। तय हुआ है कि आज के बाद इस तरह की पुनरावृत्ति नहीं होगी। बंद बाजार को खोल दिया गया है।
एसपी सिटी मधुबन सिंह का कहना है कि अयोध्या में रोजाना श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है। भोर से ही सरयू स्नान कर लोग मंदिरों में दर्शन-पूजन कर रहे हैं। हनुमानगढ़ी पर भीड़ नियंत्रण के लिए रेलिंग की व्यवस्था की गई है। रेलिंग के अंदर घुसकर व्यापारी सामान बेंच रहे थे। इससे भीड़ को नियंत्रित करने में दिक्कत आ रही थी। इसकी शिकायत जो पीछे श्रद्धालु थे उन्होंने की थी। पुलिस ने व्यापारियों को समझाया, जिससे कुछ गलतफहमी हो गई। जिसे अब सुलझा लिया गया है। व्यापारियों की जो भी मांगे थीं उस पर गौर किया गया है।
महंत संजय दास ने कहा कि पुलिस व व्यापारियों में कुछ आपसी विवाद हो गया था जिसका पटाक्षेप कर लिया गया है। प्रशासन ने माफी मांग ली है। प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 24 घंटे मुस्तैद है। ऐसे में स्वाभाविक है कुछ झल्लाहट हो सकती है। व्यापारियों का आरोप है कि प्रशासन गलत व्यवहार कर रहा है। प्रशासन ने कहा है कि व्यापारियों व श्रद्धालुओं के साथ सहूलियत के साथ पेश आया जाएगा।