37-राम जानकी मंदिर में सजा विग्रह। -संवाद
अयोध्या। श्रीराम व हनुमानजी की भक्ति में लीन रहने वाली अयोध्या सोमवार से शक्ति उपासना में समर्पित हो गई। देवी मंदिरों में या देवी सर्वभूतेषु प्रकृति रूपेण संस्थिताः, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः... मंत्रों के बीच पहले दिन माता शैलपुत्री की आराधना से शारदीय नवरात्र पर्व का शुभारंभ हुआ। देवी मां के दरबार में भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह से शाम तक जयकारे गूंजते रहे। घरों में भक्त कलश स्थापना कर पूरे विधिविधान से मां की स्तुति, पूजन-अर्चन में जुटे रहे।
अयोध्या के सभी देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ जुटी है। भगवान श्रीराम की कुलदेवी मां बड़ी देवकाली के मंदिर में भोर से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस मंदिर की स्थापना भगवान श्रीराम के पूर्वज महाराज रघु ने करवाई थी। यहां महाकाली, महालक्ष्मी और महा सरस्वती एक ही शिलापट में विराजमान हैं। वहीं अयोध्या स्थित छोटी देवकाली मंदिर में भी मां के जयकारे गूंजते रहे। मंदिर में रात आठ बजे हुई 1051 बत्ती की महाआरती में शामिल होने के लिए भक्तों में होड़ रही। मान्यता है कि यहां माता पार्वती स्वयं विराजती हैं। इसके अलावा पाटेश्वरी मंदिर, शीतला माता मंदिर, हट्ठी महारानी मंदिर, जालपा देवी मंदिर समेत मवई के कामाख्या भवानी मंदिर में आस्था उमड़ती दिखी।
28 पंडालों में विराजीं आदिशक्ति, पूजन-अर्चन शुरू
नवरात्र के प्रथम दिन नगर के 27 प्रतिमा पंडालों में मां भगवती का आगमन हो गया। पूजा-अर्चना भी शुरू हो गई। जिले में रामलीलाएं भी गणेश पूजन के साथ शुरू हो गई हैं। केंद्रीय दुर्गा पूजा एवं रामलीला समन्वय समिति अध्यक्ष मनोज जायसवाल के नेतृत्व में केंद्रीय समिति के सभी पदाधिकारी तैयारी में जुटे हैं। मनोज जायसवाल ने बताया सभी पूजा पंडाल लगभग बनकर तैयार हो गए हैं। अगले दो-तीन दिनों में सभी मूर्तियां अपने-अपने पूजा पंडालों में पहुंच जाएंगी।
37-राम जानकी मंदिर में सजा विग्रह। -संवाद
37-राम जानकी मंदिर में सजा विग्रह। -संवाद