अयोध्या। जमीन विवाद की पुरानी रंजिश को लेकर चचेरे भाइयों ने हिस्ट्रीशीटर को ईंट से कूंचकर मार डाला। युवक रौनाही थाना क्षेत्र के कुट्टी बिसौली गांव में आयोजित भंडारे में शामिल होने आया था। सोमवार सुबह उसका शव बड़ागांव बाजार के पास मिला है। पुलिस ने पत्नी की तहरीर पर तीन सगे भाइयों समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है।
खंडासा थाना क्षेत्र के ठाकुर गोंसाई का पुरवा निवासी राजकुमार गोस्वामी (40) रविवार शाम रौनाही थाना क्षेत्र के कुट्टी बिसौली निवासी जोखन लाल उर्फ जोखू गोस्वामी के यहां आयोजित भंडारे में शामिल होने आए थे। वहां पर राजकुमार के चचेरे भाई आशुतोष, रामसागर, रवि और कपिलदेव भी आए थे। रात करीब आठ बजे वह वहां से निकल गए थे। सोमवार की सुबह स्थानीय लोगों ने बिसौली मार्ग के बगल एक खाली पड़े प्लाट में उनका खून से लथपथ शव देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी। उनके सिर और शरीर पर ईंट से कुचलने के निशान थे। पास में ही एक ईंट खून से सनी हुई पड़ी थी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया।
दोपहर में मृतक की पत्नी मिथिलेश देवी ने चारों आरोपियों के खिलाफ जमीन की रंजिश को लेकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। हत्यारोपी आशुतोष, रामसागर और रवि आपस में सगे भाई हैं, जबकि कपिलदेव उनके चचेरे भाई बताए गए हैं। फोरेंसिक टीम के साथ पुलिस की अलग-अलग टीमों ने मौके का मुआयना करके साक्ष्य संकलित किया है। सीओ सदर योगेंद्र कुमार ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त ईंट बरामद की गई है। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करके छानबीन की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतक राजकुमार गोस्वामी खंडासा बाजार में मोमोज का ठेला लगाकर जीवनयापन करता था। वह खंडासा थाने का हिस्ट्रीशीटर भी रहा है। उसके खिलाफ मारपीट, चोरी व एनडीपीएस एक्ट के तहत लगभग छह मामले दर्ज हैं। वहीं आरोपियों का अब तक आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है। उनके कार्य स्थलों से भी पुलिस जानकारी जुटा रही है।
मृतका की पत्नी ने दर्ज एफआईआर में बताया कि आरोपी उनके पट्टीदार हैं। उन लोगों से पैतृक जमीनों के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है। हालांकि पुलिस अभी तक विवाद की मूल वजह तक नहीं पहुंच सकी है। थाना प्रभारी सुमित श्रीवास्तव ने बताया कि विवाद की सही जानकारी के लिए मृतक के गांव में भी पूछताछ की जा रही है। खंडासा पुलिस का भी सहयोग लिया जा रहा है।
पुलिस ने मृतक का शव परिजनों के पहुंचने से पहले घटनास्थल से उठवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजन पहुंचे तो शव न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। काफी संख्या में इकट्ठा परिजन व ग्रामीणों ने सत्तीचौरा पुलिस चौकी का घेराव भी किया। बाद में सीओ सदर योगेंद्र कुमार के समझाने-बुझाने पर परिजन शांत हुए। वहीं, मृतका की पत्नी मिथिलेश ने बताया कि परिवार में उनके तीन पुत्र और एक पुत्री हैं। उनके पति रविवार को दिन में तीन बजे निमंत्रण में जाने के लिए निकले थे। रात आठ बजे उन्होंने फोन पर बात की थी, लेकिन थोड़ी देर बाद से उनका फोन नहीं उठ रहा था।