अयोध्या। नगर निगम अब रामनगरी के मठ-मंदिरों में चलने वाले गेस्ट हाउस, बारात घर व दुकानों से टैक्स वसूलेगा। सोमवार को बड़ा भक्तमाल मंदिर परिसर में संतों के साथ हुई बैठक में महापौर ने उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान करने के लिए अफसरों को निर्देश दिए।
महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मठ-मंदिरों का गृह व जल कर माफ कर रखा है। इस कारण मंदिर परिसर में चलने वाली अन्य गतिविधियों से संबंधित टैक्स लिया जाएगा। उन्होंने संतों को बताया कि मंदिरों से प्रतीकात्मक धनराशि ही ली जाएगी। मंदिर के जगमोहन, गोशाला, धर्मशाला, पाठशाला, यज्ञशाला, पाकशाला, परिक्रमा पथ व महंत के आवासीय परिसर का टैक्स निर्धारित नहीं किया जाएगा। सिर्फ गेस्ट हाउस, बारात घर और दुकानों से संबंधित टैक्स लिया जाएगा। संतों ने बिजली बिल अधिक आने का मसला भी उठाया। इस पर महापौर ने मुख्य अभियंता बिजली से फोन पर वार्ता की।
इस मौके पर माघ मेले में हनुमानगढ़ी, अमावा मंदिर, रामकचहरी, रामनिवास मंदिर आदि इलाके में सीवर की सफाई का भी मुद्दा सामने आया। इसे जल्द से जल्द समाधान का वादा महापौर ने किया। इस मौके पर महंत अवधेश दास, महंत संजय दास, महंत अभिषेक दास, महंत शशिकांत दास, नागा रामलखन दास सहित कई संत और धर्माचार्य मौजूद थे।