-तमिलनाडु के मंदिरों के शहर मदुरई से अयोध्या के लिए होगी देशव्यापी यात्रा की शुरुआत
-आस्था स्पेशल ट्रेनों से पहुंचेगा तमिल भाषी 25 हजार रामभक्तों का पहला जत्था
- आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, केरल व पुडुचेरी से भी आएंगे लाखों श्रद्धालु
अयोध्या। भाजपा की राम दर्शन यात्रा इसी साल होने वाले लोकसभा चुनाव में दक्षिण भारत का राजनीतिक द्वार भेदने का माध्यम बनेगी। अयोध्या के लिए इस देशव्यापी यात्रा की शुरुआत तमिलनाडु के मंदिरों का शहर कहे जाने वाले मदुरई से होगी। आस्था स्पेशल ट्रेनों से 25 हजार तमिल भाषी रामभक्तों का पहला जत्था यहां पहुंचेगा। इसी तरह आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, केरल व पुडुचेरी से भी लाखों श्रद्धालु आएंगे।
भाजपा ने राम दर्शन यात्रा का प्लान लोकसभा चुनाव के दृष्टि से सधी हुई रणनीति के तहत बनाया है। इसके माध्यम से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का मुख्य फोकस दक्षिण भारत के छह राज्यों तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, केरल और पुडुचेरी पर है। उत्तर भारत की अपेक्षा दक्षिण में भाजपा की स्थिति कमजोर है। जबकि इन राज्यों में लोकसभा की 130 सीटें हैं। दक्षिण के राज्यों में सिर्फ कर्नाटक में ही भाजपा मजबूत स्थिति में है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां की 28 में से 25 सीट भाजपा की झोली में आई थी। जबकि तेलंगाना में 17 में सिर्फ चार सीटें मिल पाई थीं। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश व केरल में एक भी सीट नहीं मिली।
अब भाजपा कर्नाटक व तेलंगाना के साथ इन तीन राज्यों में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद लगाए है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व का मानना है कि राम दर्शन यात्रा इसका प्रमुख माध्यम बनेगी। नए और भव्य राम मंदिर में रामलला के दर्शन के माध्यम से पार्टी इन राज्यों के लाखों मतदाताओं तक अपनी सीधी पहुंच बनाना चाहती है। इसमें हर वर्ग के लोग शामिल होंगे। महिला और युवा रामभक्तों पर विशेष नजर है। इन राज्यों के विभिन्न शहरों के रामभक्त यहां आकर रामलला के दर्शन करेंगे और अयोध्या की भव्य व दिव्य छवि को निहारेंगे। प्रभु राम के माध्यम से पार्टी इन मतदाताओं के दिलों में अपनी जगह बनाएगी। दक्षिण भारत के छह राज्यों के शहरों से इनके आने-जाने, ठहरने और खाने का पूरा खर्च पार्टी वहन करेगी।
केंद्र व राज्य स्तर पर यात्रा की निगरानी करेगी उच्चस्तरीय समिति
राम दर्शन यात्रा भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के लिए बेहद खास है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसकी निगरानी के लिए केंद्रीय और राज्य स्तर पर अलग-अलग उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है। केंद्रीय समिति का नेतृत्व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव संगठन बीएल संतोष को सौंपा गया है। इनका सहयोग तीन अन्य राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल, तरुण चुग और विनोद तावड़े करेंगे।
राज्य स्तर पर गठित समिति के प्रभारी उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक होंगे। इनका सहयोग करने का दायित्व नगर विकास मंत्री एके शर्मा, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को सौंपा गया है। दोनों कमेटियों के सदस्य कुछ दिनों के अंतराल पर नियमित रूप से अयोध्या का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करते रहेंगे।