अयोध्या। रामनगरी की खूबसूरती पर जगह-जगह लगी अवैध होर्डिंग ग्रहण लगा रही हैं। प्रमुख मार्गों और चौराहों पर प्रचार सामग्री लगाए जाने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ ही वाहन चालकों का ध्यान भटकने का खतरा भी बना हुआ है। बिना अनुमति होर्डिंग लगाने पर कार्रवाई का प्रावधान है, इसके बावजूद रामपथ समेत प्रमुख मार्गों पर नियमों की अनदेखी जारी है।
रामपथ, धर्मपथ और भक्ति पथ जैसे प्रमुख मार्गों को प्रचार सामग्री से मुक्त रखना जरूरी है। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले छह महीने में 150 से अधिक लोगों को नोटिस दिए गए हैं और कई स्थानों से नियम विरुद्ध लगी होर्डिंग हटवाई गई हैं। इसके बावजूद प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह अवैध होर्डिंग लगी हुई हैं।
रामपथ पर सहादतगंज के पास एक मकान की दीवार पर प्रचार होर्डिंग चस्पा की गई है। मुख्य मार्ग से गुजरने वाले लोगों की नजर सीधे इस होर्डिंग पर पड़ती है, जिससे वाहन चालकों का ध्यान भटकने की आशंका रहती है। इसी तरह विकास भवन के पास डिवाइडर में लगे सोलर पैनल पर भी प्रचार सामग्री लगाई गई है। मुख्य मार्ग और सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की प्रचार सामग्री लगाने के लिए नगर निगम की अनुमति आवश्यक है।
होर्डिंग का मकड़जाल
वजीरगंज से पुष्पराज चौराहे की ओर जाने वाले मार्ग पर यातायात संकेतक के ऊपर ही धुलाई सेंटर की होर्डिंग लगा दी गई है। संकेतक के आसपास प्रचार सामग्री होने से वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है। देवकाली बाईपास के अंडरपास पर भी होर्डिंग और अन्य प्रचार सामग्री लगी हुई है। सड़क के आसपास इस तरह प्रचार सामग्री लगाए जाने से वाहन चालकों का ध्यान भटकने और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
पोल के सहारे भी होर्डिंग
रामपथ के सहादतगंज तिराहे पर कैंट के प्रवेश मार्ग के पास पोल के सहारे होर्डिंग लगाई गई है। सड़क किनारे भी जगह-जगह होर्डिंग दिखाई देती हैं। प्रमुख मार्ग पर इस तरह प्रचार सामग्री लगाए जाने से मार्ग की सुंदरता प्रभावित होने के साथ यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
पंचकोसी परिक्रमा पथ भी अछूता नहीं
पंचकोसी परिक्रमा पथ के मुख्य मार्ग के डिवाइडर पर भी प्रचार सामग्री लगाई गई है। इससे शहर की सुंदरता तो प्रभावित हो ही रही है, साथ ही राहगीरों के लिए खतरा भी बना हुआ है। कई बार आंधी में उड़कर गाड़ियों के ऊपर गिरने की आशंका रहती है। इसमें लोहे व लकड़ी के भारी भरकम फ्रेम लगे रहते हैं।
सड़क किनारे लगी ऐसी होर्डिंग वाहन चालकों व राहगीरों का ध्यान भटकाती हैं। कई बार होर्डिंग देखने के चक्कर में हादसा होते-होते बचा है। - शशांक कसौधन, वाहन चालक, देवकाली
प्रमुख मार्गों को प्रचार सामग्री से मुक्त रखने के लिए नियमित निगरानी और कार्रवाई जरूरी है। इसके बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
- रुद्रमणि त्रिपाठी, वाहन चालक, रिकाबगंज
बोले राहगीर
सड़क किनारे और भवनों की दीवारों पर जगह-जगह लगी प्रचार सामग्री से प्रमुख मार्गों की सुंदरता प्रभावित हो रही है।
- अखिलेश पाठक, नाका
प्रमुख मार्गों, चौराहों और अंडरपास के आसपास प्रचार सामग्री लगाए जाने से कई बार यातायात संकेतक स्पष्ट नजर नहीं आते।
- उज्ज्वल, चौक
बोले जिम्मेदार
अवैध होर्डिंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। कई लोगों को नोटिस दिया गया है। बिना अनुमति होर्डिंग लगवाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- देवी प्रसाद, राजस्व निरीक्षक
ये हैं नियम
- नगर निगम क्षेत्र में किसी भवन, यूनिपोल या अन्य स्थान पर व्यावसायिक प्रचार होर्डिंग लगाने से पहले नगर निगम से अनुमति लेना जरूरी है।
होर्डिंग का स्थान, आकार और संरचना नगर निगम के निर्धारित नियमों और स्वीकृति के अनुरूप होनी चाहिए।
- सड़क, चौराहे, डिवाइडर, यातायात संकेतक, पोल, अंडरपास या ऐसे स्थान, जहां वाहन चालकों की दृष्टि बाधित हो सकती है, वहां बिना अनुमति प्रचार सामग्री लगाना नियमों के विरुद्ध है और कार्रवाई के दायरे में आता है।
- भवन की दीवार पर होर्डिंग लगाने के लिए केवल भवन मालिक की सहमति पर्याप्त नहीं है। इसके लिए नगर निगम की विज्ञापन संबंधी स्वीकृति भी आवश्यक है।
- यूनिपोल लगाने के लिए नगर निगम की स्वीकृति जरूरी है। स्वीकृत स्थान और निर्धारित मानकों के विपरीत यूनिपोल लगाने पर उसे हटाने की कार्रवाई की जा सकती है।
- बिना अनुमति लगी होर्डिंग के खिलाफ नगर निगम नोटिस जारी करने, उसे हटाने और नियमानुसार अन्य कार्रवाई कर सकता है।