अयोध्या। नगर निगम की ओर से अमानीगंज के जलकल परिसर में संचालित मिरर इमेज केंद्र में माता सीता की खोज थीम का 44 दिनों में 45,000 लोगों ने दीदार किया है। अयोध्या को पर्यटन की दृष्टि से निखारने के लिए योगी सरकार की पहल पर इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई। अकेले फरवरी माह के छह दिन में 22,663 रुपये के टिकट की बिक्री हो चुकी है।
रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होने के बाद अयोध्या को विश्व स्तरीय पर्यटन नगरी बनाने का काम तेजी से चल रहा है। इसी के तहत अमानीगंज जलकल परिसर में नगर निगम ने पिछले साल 25 दिसंबर को मिरर इमेज केंद्र का शुभारंभ किया। मिरर इमेज का नजारा बहुत ही रोमांचक है। इसमें एक ही तरह के चार शीशे लगाए गए हैं। यदि एक बार इसमें कोई प्रवेश करता है तो पूरा घनचक्कर वाली स्थिति रहेगी। जिस तरफ आगे बढ़ेंगे, शीशे से टकराने का खतरा रहेगा।
अमानीगंज जलकल कार्यालय में स्थापित मिरर इमेज केंद्र पूरी तरह से वातानुकूलित है। इसमें 43 इंच की छह एलईडी भी लगाई गई हैं। इन एलईडी में सीता स्वयंवर, ताड़का वध, अहिल्या का तारण और राम रावण युद्ध भी दिखाया जाता है। एलईडी के चलने के बाद यह सब अलग-अलग शीशों में दिखाई देता है। इसमें देश भर से रामनगरी आने वाले श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक सीता माता की खोज के रोमांच का अनुभव प्राप्त कर रहे हैं।
राज्य स्मार्ट सिटी योजना के तहत मिरर इमेज केंद्र का निर्माण 2.75 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है। श्रीराम जन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने बताया कि इसे देखते हुए इसका संचालन कराया गया है। इसमें लखनऊ के भूलभुलैया की तरह श्रद्धालु आनंद ले रहे हैं। सुबह 10 से शाम पांच बजे तक केंद्र खुला रहता है।
मिरर इमेज केंद्र में पहुंचने वालों को संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इसका अंदाजा टिकटों की बिक्री से लगाया जा सकता है। अब तक 5.59 लाख रुपये के टिकटों की बिक्री हो चुकी है। 45,000 लोगों ने पहुंचकर केंद्र का दीदार किया है। इसमें 20,000 लोगों ने मुफ्त में केंद्र को देखा, क्योंकि वे 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे थे। ऐसे बच्चों का टिकट नहीं लगता है।