बिधूना। कानपुर देहात के डेरापुर में अंधविश्वास और झाड़-फूंक के कारण एक परिवार ने अपना इकलौता बेटा खो दिया। 20 वर्षीय विवेक कुमार, जो क्षयरोग से पीड़ित था, की शनिवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे झाड़-फूंक के लिए ओमनी से एरवाकटरा की ओर ले जा रहे थे।
रास्ते में एरवाकटरा के समीप उसकी हालत और बिगड़ गई। इसके बाद उसे शाम करीब 6 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिधूना लाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद विवेक को मृत घोषित कर दिया। मृतक के पिता राजेंद्र कुमार ने बताया कि विवेक लंबे समय से क्षयरोग से ग्रस्त था। करीब डेढ़ महीने पहले उन्होंने एरवाकटरा क्षेत्र के एक भगत से संपर्क किया था। भगत ने घर आकर विवेक की झाड़-फूंक भी की थी। शनिवार को भगत ने विवेक को अपने मंदिर पर बुलाया था।
राजेंद्र कुमार ने बताया कि पांच साल पहले उनके एक और बेटे की मौत हो चुकी है। विवेक उनका एकमात्र जीवित बेटा था। उसकी मौत से मां सुनीता देवी और पिता राजेंद्र कुमार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कोतवाल विनेश कुमार ने बताया कि अस्पताल से मैमो मिलने पर मामले की जांच की जाएगी।