अजीतमल। पहाड़ी क्षेत्र में अधिक बारिश होने के चलते यमुना नदी उफनाने लगी है। बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं पूर्व में आई बाढ़ को देखते हुए प्रशासन इस बार पहले से ही सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
शनिवार को एसडीएम निखिल राजपूत ने बाढ़ प्रभावित गांव गौहानीकलां व सिकरोड़ी में चौपाल लगा लोगों को नदी किनारे न जाने के लिए जागरूक किया। साथ ही नदी तट का भी निरीक्षण किया।
चौपाल में एसडीएम निखिल राजपूत ने कहा कि बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गईं हैं। प्रशासन लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हैं। गांव के लोग भी नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी करें। यदि जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो तो ग्रामीण अपने परिवार के साथ प्रशासन की ओर से चिन्हित किए गए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे।
इसके साथ ही अधिकारियों ने ग्रामीणों को बारिश के मौसम में जहरीले कीटों से बचाव, बाढ़ व अन्य आपदा से निपटने के गुर सिखाए। इसके बाद एसडीएम ने गांव का भ्रमण किया। उन्होंने लेखपालों ने ऊंचे स्थानों पर बने विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से भी संपर्क करने के लिए कहा है।
एसडीएम निखिल राजपूत ने बताया कि यमुना का जलस्तर इस समय 104 और 105 मीटर के आसपास रह रहा है। जबकि जिले में यमुना नदी का खतरे का निशान 112 पर है। इसलिए अभी खतरे वाली कोई बात नहीं हैं, फिर भी प्रशासन की ओर से तैयारियां पूर्ण की जा रहीं हैं। यदि बाढ़ की स्थिति बनती है तो प्रशासन इसके निपटने के तैयार है। इस दौरान तहसीलदार अविनाश कुमार, बीडीओ अतुल यादव आदि अधिकारी मौजूद रहे।