औरैया। बिलराया-पनवाड़ी राज्यमार्ग पर शेरगढ़ स्थित यमुना नदी का पुल बुधवार से 14 अगस्त तक के लिए बंद कर दिया गया है।
इससे न सिर्फ व्यापार प्रभावित हुआ है, बल्कि जनपद जालौन से औरैया के शिक्षण संस्थानों में पढ़ने आने वाले 400 से अधिक बच्चे स्कूल नहीं पहुंच सके।
वैकल्पिक रूप में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का प्रयोग कर स्कूल आने-जाने पर बच्चों को प्रतिदिन करीब 150 किमी. का सफर तय करना पड़ेगा। फिलहाल इससे परेशान बच्चे पहले दिन स्कूल नहीं गए। ऐसे में बच्चों को पढ़ाई को लेकर कई स्कूल संचालक उनकी ऑनलाइन पढ़ाई की तैयारी में जटे गए हैं। स्कूल संचालक इसके लिए अभिभावकों से बात कर रहे हैं।
औरैया शहर व इससे सटे क्षेत्र में करीब 10 बड़े शिक्षण संस्थान हैं। इनमें जालौन के कुठौंद ब्लॉक के कक्षा एक से 12 तक के करीब 500 से अधिक छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। बुधवार सुबह शेरगढ़ पुल की मरम्मत के लिए जालौन के सनगढ़ की ओर क्रॉस बैरियर रखकर यातायात बंद कर दिया।
इसके चलते करीब आठ शिक्षण संस्थानों ने 400 से अधिक छात्र-छात्राओं को पढ़ने के लिए स्कूल नहीं बुलाया। वहीं दो शिक्षण संस्थानों में अतिरिक्त वाहनों का प्रयोग कर बच्चों को शिक्षण कार्य के लिए बुलाया गया।
वहीं, जो बच्चे किसी तरह स्कूल पहुंचे, उन्हें दोपहर में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से 50-60 किलोमीटर का चक्कर काटकर घर भिजवाया गया। शिक्षण संस्थान संचालकों ने बताया कि प्रतिदिन बच्चों को स्कूल आने-जाने में 150 किलोमीटर का सफर तय करवाने से बच्चे परेशान हो जाएंगे। इसके चलते मजबूरन बच्चों को स्कूल नहीं बुलवाया गया है।
विद्यालय संचालकों का कहना है कि विद्यालय प्रबंधन की ओर से बच्चों का कोर्स पूरा करवाने, होमवर्क व उनकी समस्या का निदान करने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। साथ ही उन्हें ऑनलाइन क्लास देने की भी तैयारियां की जा रहीं हैं।
प्रशासन को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर कुठौंद के एकों के पास बने अस्थायी कट को पुल के बंद रहने तक दोबारा खुलवाने की मांग की जा रही है। इससे बच्चों को स्कूल लाने में अधिक लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। उनका शिक्षण कार्य भी आसानी से हो जाएगा।
ऑनलाइन क्लास की तैयारी
हमारे स्कूल में जिला जालौन के 65 बच्चे पढ़ते हैं। पुल बंद होने से बुधवार को बच्चे स्कूल नहीं आए। बच्चों की पढ़ाई व अभिभावकों की परेशानी को देखते हुए विद्यालय प्रबंधन ऑनलाइन क्लास करवाने को लेकर तैयारियां कर रहा है।
-लवलेश सिंह, प्रधानाचार्य ज्ञानस्थली एकेडमी
खोला जाए एकों कट
हमारे विद्यालय में जिला जालौन के 50 बच्चे पढ़ते हैं, जिन्हें बुधवार को स्कूल नहीं बुलवाया गया। प्रशासन को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के एकों कट को कुछ समय के लिए खुलवा देना चाहिए। इससे बच्चों को स्कूल आने-जाने में लंबा सफर तय नहीं करना पड़ेगा। -गौरव पोरवाल, सेक्रेटरी सेंट फ्रांसिस एकेडमी