अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ झोपड़ी में बैठी पीड़ित नीलम। संवाद
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कंचौसी (औरैया)। क्षेत्र के ढिकियापुर डेरा में 25 अप्रैल को दो बहनों ने आर्थिक तंगी व मां की बीमारी से परेशान होकर ट्रेन से कटकर जान दे दी थी। जिला प्रशासन ने परिवार को आर्थिक मदद के लिए दो चेकें जारी कीं। जिसमें नाम गलत होने से पीड़ित परिवार को आज तक लाभ नहीं मिला। इधर बैंक ने चेक वापस कर दी हैं।
ढिकियापुर डेरा निवासी स्व. अशोक नाथ की दो बेटियों पूनम (18) और सपना (17) ने आर्थिक तंगी व मां नीलम की टीबी की बीमारी का इलाज न करा पाने से परेशान होकर ट्रेन से कटकर जान दी थी। इस घटना ने पूरे गांव और आसपास के लोगों को झकझोर दिया था। घटना के बाद प्रशासन की लापरवाही सामने आई थी।
जिसमें कई योजनाओं में पात्र होते हुए भी पीड़ित परिवार को लाभ नहीं मिल रहा था। प्रशासन ने खुद को बचाते हुए तुरंत आवास, पेंशन के साथ आर्थिक मदद का भरोसा दिया था। जिलाधिकारी के निर्देश पर रेडक्रास सोसायटी व जिला प्रशासन की ओर से 25 हजार व 30 हजार रुपये की चेक जारी किए गए थे।
इसमें मां नीलम का नाम अंग्रेजी में गलत था। जबकि नीलम के पति स्व. अशोक नाथ की जगह अशोक कुमार लिखा था। सेंट्रल बैंक कंचौसी के मैनेजर मनीष कटियार ने बताया कि चेक पर नाम गलत होने और खाता केवाईसी न होने पर चेक वापस किया गया। एसीएमओ डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि चेकों में नाम सही कर भिजवा दिए गए हैं।