फोटो-14- पिलर पर हेलमेट के साथ काम करते मजदूर। संवाद
औरैया। यमुना नदी पर निर्माणाधीन पुल के काम में बरती जा रही लापरवाही को लेकर प्रकाशित खबर का असर देखने को मिला है।
खबर छपने के दूसरे ही दिन स्थानीय प्रशासन, सेतु निगम और ठेकेदार हरकत में आए, इसके बाद निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों को दुरुस्त किया गया। रविवार को सभी मजदूर सिर पर हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरणों से लैस होकर काम करते नजर आए।
अमर उजाला ने यमुना नदी में निर्माणाधीन पिलरों पर बिना सुरक्षा 54 फीट ऊपर काम कर रहे मजदूर शीर्षक से खबर 31 मई को प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
पड़ताल में सामने आया था कि पड़ोसी जिले हमीरपुर में पुल गिरने से हुई छह मजदूरों की मौत के बाद भी यहां कोई सबक नहीं लिया गया था। इस गंभीर लापरवाही की तस्वीरें कैमरे में कैद होने और खबर प्रमुखता से प्रसारित होने के बाद स्थानीय प्रशासन व राज्य सेतु निगम के अधिकारियों में खलबली मच गई।
कल जहां निर्माण स्थल पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या इंजीनियर मौजूद नहीं था और कैमरे देखकर प्राइवेट जूनियर इंजीनियर ने आननफानन मजदूरों को नीचे उतार दिया था, वहीं आज नजारा पूरी तरह बदला हुआ था। पिलर पर चढ़ने वाले हर मजदूर को अनिवार्य रूप से सेफ्टी बेल्ट और हेलमेट पहनाया गया। मौके पर मौजूद सुपरवाइजर और स्टाफ को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि बिना सुरक्षा इंतजामों के कोई भी श्रमिक ऊंचाई पर काम नहीं करेगा।
फोटो-14- पिलर पर हेलमेट के साथ काम करते मजदूर। संवाद