श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को कानपुर सेंट्रल पर रोककर आगे रवाना करने से दिल्ली-हावड़ा रेल ट्रैक पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है ।
सिग्नल न मिलने के कारण कानपुर की ओर जा रहीं ज्यादातर ट्रेनें जिले के सभी रेलवे स्टेशनों पर रोककर आगे भेजी गईं। अछल्दा, फफूंद व कंचौसी रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों के रुकते ही यात्री नलों पर पानी लेने के टूट पड़े। इसके चलते सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ती दिखीं।
फफूंद रेलवे स्टेशन पर रात ढाई बजे से शाम तक कई ट्रेनें आधा घंटा से लेकर एक घंटे तक रुकी रहीं। गुरुवार दोपहर में अछल्दा रेलवे स्टेशन पर रुकी चार स्पेशल श्रमिक ट्रेनों से कई यात्री पानी भरने के लिए रेलवे स्टेशन पर उतर आए।
यात्रियों ने रेलवे कॉलोनी से भी पानी भरा। ट्रेन के जाने के बाद स्टेशन अधीक्षक आरआर शुक्ला ने रेलवे स्टेशन को सेनेटाइज कराया। इस बीच कुछ यात्री नगर में खुली दुकानों पर सामान लेने पहुंच गए।
दुकानदारों को जब जानकारी हुईं कि यह लोग ट्रेन से उतरे हैं तो समान देने से मना कर दिया। सूचना मिलने पर एसओ अछल्दा तारिक खान ने दारोगा हरिकेश कुमार को रेलवे स्टेशन पर भेजा, जिससे कोई यात्री कस्बे तक न पहुंच सके। चेयरमैन राजेश पोरवाल ने बताया है टीम को भेजकर रेलवे स्टेशन को सैनेटाइज कराया जा रहा है।
गाजियाबाद से लखनऊ एक हजार श्रमिकों को लेकर जा रही ट्रेन सिग्नल न मिलने के कारण लगभग 8 बजे कंचौसी में खड़ी हो गई। पानी भरने के लिए यात्री नलों पर पहुंच गए। इस दौरान सोशल डिस्टेंस का किसी यात्री ने ख्याल नहीं रखा। स्टेशन मास्टर मुकेश पाल ने बताया कि ट्रेन को आधा घंटे रुकने के बाद 8:33 बजे लखनऊ के लिए रवाना कर दिया गया था। आरपीएफ थाना प्रभारी दिनेश कुमार का कहना है कि कानपुर में सभी ट्रेनें रुकने से सिग्नल न मिलने के कारण ट्रेनें विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर रोकी गईं। बुधवार रात ढाई बजे से ट्रेनें रुकने का सिलसिला जारी है।
यात्री ट्रेनों से ही उपयोग में लाई गई बची खाद्य सामग्री रेलवे स्टेशनों एवं रेल ट्रैक पर फेंकते नजर आए। फेंकी गई खाद्य सामग्री पर पशु, पक्षी मंडराते नजर आए।
रेलवे स्टेशनों के आसपास रहने वाले लोगों ने उपयोग में लाई गई बची खाद्य सामग्री खुले में फेंके जाने से पशु पक्षियों के माध्यम से कोरोना संक्रमण की आशंका जताई। इस संबंध में आरपीएफ का कहना है कि सभी यात्रियों को बचा सामान अपने पास ही रखने या फिर डस्टबिन में ही फेंकने के लिए कहा जा रहा है।
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शौचालय में पानी तक का इंतजाम नहीं
दिबियापुर (औरैया)। गुरुवार को सुबह लगभग साढ़े 8 बजे गुजरात के मेसाना से बिहार जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन फफूंद में रुकी तो यात्री नलों पर टूट पड़े। मोतिहारी रक्सौल बिहार के उमेश ने बताया कि ट्रेन सुबह लगभग साढ़े तीन बजे चली थी। लेकिन ट्रेन के किसी भी शौचालय में पानी नहीं है। कुल मिलाकर एक बोतल पानी मिला था। पानी न होने के कारण वह लोग शौचालय का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। इसी ट्रेन से सुकौल बिहार जा रहे राम कुमार का कहना है गुजरात में ही खाना मिला था। किसी स्टेशन पर न तो खाने की सामग्री बिक रही और न ही रेल प्रशासन ही खाने पीने की सामग्री उपलब्ध करा रहा।