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रात से गायब युवक की गोली मारकर हत्या, खेतों में मिला शव

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मौके पर जांच कर साक्ष्य जुटाती फोरेंसिक टीम, मौजूद सीओ सुरेंद्र नाथ एवं पुलिस बल। संवाद - फोटो : AURAIYA
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दिबियापुर। मजदूर के सिर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसका शव शुक्रवार दोपहर खेत पर पड़ा मिला। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने उच्चाधिकारियों को बुलाने की मांग पर हंगामा किया। इसके बाद मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक ने परिजनों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया।
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परिजनों के मुताबिक पुरानी रंजिश के चलते हत्या की गई है। एएसपी शिष्यपाल का कहना है कि युवक गुरुवार की रात से लापता था। फिलहाल परिजनों से कोई तहरीर नहीं मिली है।
थाना क्षेत्र के गहेसर गांव निवासी विनय कुमार (25) पुत्र चंद्र प्रकाश दीक्षित गुरुवार की रात थोड़ी देर में आने की बात कहकर घर से निकला था। इसके बाद शुक्रवार की दोपहर लगभग तीन बजे विनय कुमार का शव खेतों के बीच में बनी नाली में पड़ा मिला।
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मृतक के सिर में गोली लगी थी। पीठ पर भी घाव के निशान थे। खाली खोखे भी पास में ही पड़े थे। सूचना पर पहुंचे मृतक के भाई ने रिश्तेदारों के साथ मिलकर हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे सीओ सुरेंद्र नाथ, प्रभारी निरीक्षक विकास राय एवं हरचंदपुर चौकी इंचार्ज संतोष कुमार ने ग्रामीणों एवं परिजनों को समझाने का प्रयास किया। परिजन मौके पर पुलिस के उच्चाधिकारियों को बुलाने की मांग करने लगे। शव भी नहीं उठने दे रहे थे।
इस बीच फारेंसिंक टीम भी पहुंच गई। थोड़ी देर में पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक शिष्यपाल ने हत्यारोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनको जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। तब जाकर परिजन शांत हुए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। ग्रामीणों के अनुसार विनय मजदूरी करता था।
जबकि पिता पुरोहित हैं। वह सात भाइयों में छठे नंबर का था। सीओ सुरेंद्र नाथ ने बताया कि गुरुवार शाम युवक के गायब होने पर परिजनों ने पुलिस को कोई सूचना नहीं दी थी। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाई की जाएगी।
पूर्व में झोपड़ी में भी लगाई थी आग
दिबियापुर। मृतक विनय कुमार के भाई रजनीश ने आरोप लगाया कि गांव के ही कुछ लोगों ने रंजिश के चलते उसके भाई की हत्या की है। पूर्व में भी उनकी झोपड़ी में कुछ लोगों ने आग लगा दी थी।
इसकी शिकायत लेकर चौकी और थाने से लेकर जिले के उच्चाधिकारियों तक दौड़े, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यदि उस समय सुनवाई की जाती तो आज उनके भाई की हत्या न होती। सीओ सुरेंद्र नाथ का कहना है कि मामला चार माह पुराना है। आरोपियों के खिलाफ शांति भंग की कार्यवाई हुई थी।
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