अजीतमल (औरैया)। बाढ़ प्रभावित गांवों के निरीक्षण के दौरान मंगलवार को सिकरोड़ी पहुंचे कृषि राज्यमंत्री का राहत शिविर में मौजूद महिलाओं ने घेराव कर हंगामा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिविरों में खाने और पानी की कमी है। प्रशासन इसकी अनदेखी कर रहा है।
कृषि राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत ने उच्च प्राथमिक विद्यालय हनुमानगढ़ी में बने राहत शिविर में मौजूद बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। कृषि मंत्री के आने की जानकारी मिलते ही शिविर में मौजूद महिलाओं ने उन्हें घेर लिया। विमलेश्री, जय कुमारी, रेखा आदि ने कृषि राज्यमंत्री को बताया कि राहत शिविरों में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। राहत पैकेट भी नहीं दिए जा रहे हैं। जिससे उनके सामने भूखों मरने की स्थिति है। इस पर कृषि राज्यमंत्री व मौके पर मौजूद एसडीएम अजीतमल विजेता ने उन्हें समझाकर शांत कराया। सभी समस्याओं का जल्द निराकरण कराने का आश्वासन दिया।
पट्टे की मांग पर बोले, आप हमारे परिवार के सदस्य
अयाना। गांव बीझलपुर पहुंचने पर कृषि राज्यमंत्री लाखन सिंह ने प्राथमिक स्कूल में बनाए गए राहत शिविर में रुके आठ बाढ़ पीड़ितों से बात की। इस दौरान लोगों ने कृषि राज्यमंत्री से पट्टा दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत भू प्रबंधक समिति से पट्टा और आवास दिलाए जाएंगे। आप लोग हमारे परिवार के सदस्य हैं। इतना सुनते ही ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी छा गई। फरिहा और बीझलपुर में कृषि राज्यमंत्री ने 50 किलो की खाद्यान्न किट भी वितरित की। ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ का पानी तो कम हुआ है लेकिन अब कीचड़ से परेशानी हो रही है। जानवरों के लिए घरों में भरा भूसा भी बर्बाद हो गया।
राज्य मंत्री ने कानूनगो सिपाही लाल, लेखपाल गिरजेश, रामचंद्र, शिवसागर, धर्मवीर को बुलकर रिपोर्ट तैयार कर सीडीओ को भेजने के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम अजीतमल विजेता, एडीओ पंचायत शिवकुमार पाठक, पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजकुमार दुबे, अनंगपाल सिंह तोमर एडवोकेट, जिला पंचायत सदस्य सोनू सेंगर, अवनीश त्रिपाठी, सत्यनारायण दुबे, भोलू तिवारी आदि मौजूद रहे। (संवाद)