बिधूना। भाभी देवर के विवाद के दौरान भाजपा नेता के साथ हाथ धक्का देकर युवक को कोतवाली ले जाने के मामले में भाजपा नेताओं ने कोतवाली परिसर में तीन घंटे धरना दिया। पुलिस अधीक्षक ने दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया। वहीं, मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है।
कस्बा के मोहल्ला सूरजपुर गांव में कुंवर सिंह के पुत्र व पुत्रवधू में किसी बात को लेकर शुक्रवार रात को विवाद हो गया था। विवाद की सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों से वार्ता कर कुंवर सिंह के पुत्र को कोतवाली ले जाने लगी। तभी भाजपा के अनुशांगिक संगठन किसान मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अभय सिंह मौके पर पहुंचे। कुंवर सिंह व उसके पुत्र व पुत्रवधू को समझकर मामला निपटाने की कोशिश की।
आरोप था कि दरोगा विनोद कुमार ने इसी बीच कुंवर सिंह के पुत्र का हाथ पकड़कर कोतवाली ले जाने लगे। तभी अभय सिंह ने रोकने की बात कही। इस पर दरोगा अभय सिंह को हाथ से धक्का देकर वहां से कुंवर सिंह के पुत्र को कोतवाली ले आए। भाजपा नेता को धक्का मारने के मामले की जानकारी कस्बा व क्षेत्र के लोगों को मिली तो भाजपा नेता के समर्थन में 60 से 70 लोगों ने कोतवाली पहुंचकर घटना की निंदा की। दरोगा पर कार्रवाई किए जाने मांग की।
बिधूना सीओ भरत पासवान व कोतवाली प्रभारी महेंद्र सिंह ने भाजपा नेताओं को समझाने का प्रयास किया। इससे भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अभय सिंह के समर्थन में कोतवाली परिसर में धरना शुरू कर दिया। तीन घंटे धरने के बाद रात एक बजे अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा कोतवाली पहुंचे। पुलिस अधीक्षक अभिजित आर शंकर से फोन पर अभय सिंह की वार्ता कराई। दरोगा विनोद कुमार को लाइन हाजिर करने पर बात बनी। जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई।
तीन घंटे धरने के बाद दरोगा पर कार्रवाई होने पर भाजपा नेता अभय सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल गुप्ता, पूर्व उपाध्यक्ष अनिल शुक्ला ने समर्थकों के साथ धरना खत्म किया और वापस लौट गए। वहीं अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच मिली है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। धरना खत्म हो गया था। पुलिस सीसीटीवी कैमरे आदि चेक करके मामले की सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।