जिले में मंगलवार को हुई बारिश रबी सीजन की फसलों के लिए संजीवनी साबित हुई है। पूरे दिन रिमझिम हुई बारिश से जहां सबसे अधिक फायदा गेहूं की फसल को हुआ है तो वहीं खेतों पर पड़ी बारिश की फुहारें ने जिले के किसानों को एक हपु्ते भर तक फसलों की सिंचाई के झंझट से राहत दिलाने वाली भी साबित हुईं है।
अपेक्षित तापमान और समय से सिंचाई के अभाव में रबी सीजन की फसलें प्रभावित होने लगी थीं। निश्चित तापमान न मिलने से कृषि विभाग गेहूं की फसल का उत्पादन 20 फीसदी तक गिरने का अनुमान लगा चुका है। ऐसे में मंगलवार को हुई बारिश रबी सीजन की गेहूं व आलू की फसल के लिए संजीवनी साबित हुई है।
वहीं इसी सीजन की सरसों की फसल के लिए बारिश न तो अधिक फायदेमंद और न ही नुकसानप्रद साबित होगी। आज हुई बारिश से सरसों और अरहर की फसलों में लगे फूल झड़ने की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कृषि विशेषज्ञों ने सरसों की फसल के लिए इस स्थिति को नुकसान प्रद नहीं बताया है। बताते हैं कि सरसों व अरहर की फसलों में बारिश से फूल झड़ने के बाद पुन: फूल निकल आएंगे।
जबकि कृषि विशेषज्ञों ने फूलों की कगार पर पहुंची मटर की फसल को बारिश से हल्का-फुल्का नुकसान होने की बात कही है। उप कृषि निदेशक डा. बनारसी यादव ने बताते हैं कि बारिश होने से मटर की फसल का फूल झड़ने की संभावना उत्पन्न हो गई है। उन्होंने बताया कि आज हुई बारिश सबसे अधिक फासदा गेहूं और आलू की फसल को होगा।