औरैया। सरकारी धान खरीद केंद्र शुरू होने के दूसरे दिन भी केंद्रों की बोहनी नहीं हुई। कुछ किसान क्रय केंद्र पहुंचे, पर उनका गीला धान सरकारी मानकों पर खरा नहीं उतर पाया। ऐसे में अधिकांश किसानों ने आढ़त का रुख कर लिया, तो कुछ धान सूखने का इंतजार करने की बात कहकर लौट गए।
एमएसपी पर धान की खरीद सरकारी क्रय केंद्रों पर एक नवंबर से शुरू हुई। मंडी में अक्तूबर से ही धान खरीद शुरू हो गई थी, इसलिए जिन किसानों ने फसल की कटाई कर ली थी, वे आढ़त में अनाज पहले ही बेच आए। इसके बाद लगातार चार दिन हुई बारिश के चलते फसलें गीली हो गईं, जिससे कटाई प्रभावित हो गई। अब धूप निकलने के बाद किसान कटाई में जुट गए हैं, पर अनाज गीला है। नमी होने के कारण यह अनाज सरकारी मानकों पर खरा नहीं उतर पा रहा है, जिससे अनाज की खरीद नहीं हो पा रही है।
इधर, किसानों को फसल का दाम तुरंत चाहिए होता है, इसलिए वे इंतजार न करते हुए आढ़तियों को अनाज बेच रहे हैं। यही वजह है कि खरीद के दूसरे दिन भी जिले के 24 क्रय केंद्रों पर कोई खरीद नहीं हुई। जिला विपणन अधिकारी बृजेश कुमार ने बताया कि फसल अभी गीली है। सूखने के बाद खरीद में तेजी आएगी।
मंडी में लगातार आ रहा धान
एक तरफ सरकारी क्रय केंद्राें पर खरीद नहीं हो रही तो दूसरी तरफ मंडी में किसान लगातार धान बेचने आ रहे हैं। मंडी सचिव हरविलास ने बताया कि बीते तीन दिनों में मंडी में लगभग 9 हजार क्विंटल धान बिक्री के लिए आया।