मोबाइल पर आए मैसेज को दिखाकर उपचार की मांग करता एक व्यक्ति।
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औरैया। जन आरोग्य योजना की वेबसाइट नहीं खुल रही है। ऐसे में 50 शैय्या अस्पताल में आने वाले मरीजों को लौटाया जा रहा है। वहीं अस्पताल के आयुष्मान कत्र में कंप्यूटर सिस्टम तो लगा दिया गया लेकिन इंटरनेट कनेक्शन की व्यवस्था नहीं की गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 सितंबर को रांची से देश भर के गरीबों को गंभीर 1350 रोगों के उपचार के लिए जन आरोग्य योजना शुरू की थी। इसमें गरीब मरीजों को पांच लाख रुपये एक साल में उपचार की व्यवस्था की गई है। इसके लिए जिले में तीन अस्पताल चयनित हैं। इनमें एक 50 शैय्या अस्पताल है। आयुष्मान मित्र शिवसागर ने बताया कि जब से योजना को शुभारंभ हुआ है। तब से एक दो बार ही वेबसाइट खुली है। वेबसाइट पर आमतौर पर ओवरलोड दिख रहा है। गुरुवार की सुबह लगभग साढ़े नौ बजे कुछ लोग अपने कागज लेकर आए थे। एक व्यक्ति के कागज का ई-कार्ड तैयार करने का प्रयास किया गया। पूरा दिन लग गया, लेकिन ई कार्ड तैयार नहीं हो सका। शुक्रवार को भी स्थिति वैसी ही बनी रही। मरीजो की संख्या दिनो दिन बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में उनके लिए कक्ष और कंप्यूटर तो दे दिया गया लेकिन इंटरनेट कनेक्शन नहीं दिया गया। वह अपने फोन के डाटा से निजी लैपटॉप से कामकाज निपटा रहे हैं।
उधर, क्षेत्र के ग्राम गढ़िया बख्शीराम निवासी जसवंत सिंह शुक्रवार को 50 शैय्या अस्पताल पहुंचा। आयुष्मान मित्र को बताया कि वह कई बीमारियों से ग्रसित है। वहीं पत्नी पुष्पा देवी भी पेट की तकलीफ से कई सालों से जूझ रहीं हैं। मोबाइल पर उसे मैसेज मिला और जन आरोग्य योजना की जानकारी दी गई। बताया कि वह बीपीएल कार्डधारक था। उसे योजना का लाभ कैसे मिलेगा। इस पर आयुष्मान मित्र ने कागज लाने की बात कहकर चलता कर दिया। आयुष्मान मित्र ने उसे बताया कि अभी साइट नहीं चल रही है। कागज लेकर आएं तभी वह किसी तरह उनका नाम देखने की कोशिश करेंगे।