ब्लाक संसाधन केंद्र परिसर में भरा बारिश का पानी। संवाद
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औरैया। जलनिकासी की समस्या से जूझ रहे जिले के नगरीय निकायों के कई वार्ड व बस्तियों में अब संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ने लगा है। पहली बारिश ने जहां व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है वहीं जलभराव और कीचड़ ने मुसीबत खड़ी कर दी है। हालात ये हैं कि कई वार्डों में जलभराव है। वर्षों से की जा रही जलनिकासी की मांग पर न तो जिम्मेदारों ने अमल किया और न ही जिले के आला अधिकारियों ने। ऐसे में अब बारिश का पानी मुसीबत बन गया है। ऐसे में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के साथ ही संक्रामक बीमारियां फैलने का डर सताने लगा है।
बीआरसी व तहसील परिसर में जलभराव
बिधूना में फीडर रोड स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय, ब्लाक संसाधन केंद्र, तहसील परिसर में जल निकासी का प्रबंध न होने से जलभराव हो गया है। यहां आने वाले लोगों को दो दिन से परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय लोगों के साथ कर्मचारियों का कहना है कि यह समस्या वर्षों से चली आ रही है, इसके बाद भी स्थानीय प्रशासन व जिला प्रशासन ने निदान की ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाए।
जलभराव के बाद नाले की सफाई
बिधूना। पहली बारिश में बिधूना नगर पंचायत क्षेत्र के कई मोहल्लों में जलभराव हुआ। गांधी नगर, फीडर रोड के नाले चोक हो गए। अधिशासी अधिकारी को लोगों ने जानकारी दी तो नाले सफाई का काम शुरू कराया गया है। ईओ निषाद मधुरमय ने बताया कि बारिश के पानी की निकासी के लिए नालों की सफाई कराई जा रही है। जहां भी जलभराव की समस्या है, उसे दूर किया जा रहा है।
बारिश के बाद चोक हुए नाले की सफाई करते बिधूना नगर पंचायत के कर्मचारी। संवाद- फोटो : AURAIYA
25 जून के अंक में प्रकाशित खबर। संवाद- फोटो : AURAIYA