औरैया। चंबल व सिंधु नदी में बढ़े जलस्तर से यमुना नदी का पानी खतरे के निशान 114 मीटर से ऊपर पहुंच गया है। तटवर्ती गांवों में पानी भरने से लोग दहशत में हैं। ग्रामीणों ने सामान समेटकर सुरक्षित ठिकाना ढूंढना शुरू कर दिया है। बुधवार को एसडीएम ने बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया।
बुधवार शाम लगभग चार बजे यमुना का जलस्तर 114.320 मीटर पहुंच गया। पल-पल बढ़ रहे जलस्तर पर औरैया व निकटवर्ती जिले जालौन के अधिकारी नजर बनाए हैं। अजीतमल तहसील क्षेत्र के थाना अयाना के गांव फरिहा में पानी गांव के अंदर पहुंचने लगा है। जिससे ग्रामीणों में दहशत है। गांव की सीमा में स्थित खेत भी डूब गए हैं। लोगों में भय है कि यमुना नदी का पानी 2019 की तरह ही इस बार भी तबाही न मचा दे। लोकेंद्र सिंह, जय सिंह, जयवीर सिंह, अशोक सिंह के घरों तक पानी पहुंच गया है। ग्रामीण जानवरों को लेकर सुरक्षित स्थान तलाश रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय भी जलमग्न है। प्रधानाध्यापक मुहम्मद मोहसिन ने सामान सुरक्षित बाहर निकलवाया है।
असेवा, असेवटा, रमपुरा, कैथौली, गूंज, तातारपुर, बीझलपुर, सडऱापुर, सिहौली, मिश्रपुर मानिकचंद गांवों के लोगों में भी बाढ़ की आशंका है। बुधवार को एसडीएम सदर रमेश चंद्र यादव ने गांव नौरी व अस्ता पहुंचकर निरीक्षण किया। लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के निर्देश दिए। एसडीएम ने बताया कि जिला प्रशासन, लेखपाल व अन्य कर्मचारी गांव वालों का पूरा ध्यान रखे हैं। वहीं एसडीएम अजीतमल विजेता ने तहसील क्षेत्र के गांव सिकरोड़ी, फरिहा व असेवा का नाव से निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों का हाल जाना।
उन्हें सुरक्षित स्थान हनुमानगढ़ी विद्यालय पर जाने की सलाह दी।
इसके अलावा गांव फरिहा व असेवा के ग्रामीणों को बाढ़ चौकियों में शरण लेने की सलाह दी। जालौन जिले की एसडीएम ने बुधवार दोपहर केंद्रीय जल आयोग कार्यालय पहुंचकर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। अजीतमल ब्लॉक क्षेत्र के यमुना किनारे बसे गांव सिकरोड़ी, बडेरा, गोहानी कला, गोहानी खुर्द, जाजपुर, असेवा, बीजलपुर आदि गांवों में गलियां तक पानी पहुंच गया है।
गांवों में बांटी गईं दवाइयां
बाढ़ का पानी गांव तक पहुंचने और लोगों में संक्रमण फैलने के खतरे को देखकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। बुधवार को सीएचसी अधीक्षक डॉ. विमल कुमार चिकित्सकों की टीम के साथ सिकरोड़ी व आसपास के गांवों में पहुंचे। टीम ने गांवों में दवाइयां बांटीं।
बाढ़ से निपटने की ये है तैयारी
बाढ़ नियंत्रण केंद्र - चार
अजीतमल क्षेत्र में सात चौकियां - अमावता इंटर कालेज अमावता व प्रावि बडैरा
प्रावि. बबाइन व प्रावि. बीझलपुर, जू.हा.स्कूल बल्लापुर व प्रावि. रहमापुर, प्रावि ऊंचा।
चिह्नित गोताखोर
सिकरोड़ी और बीझलपुर में पांच- पांच गोताखोर चिह्नित किए गए हैं।
छोटी नाव
सिकरोड़ी में चार, मुरादगंज में 10, अयाना में एक।
चिह्नित नाविक
सिकरोड़ी में नौ, जुहीखा में 10, बीझलपुर में दो।