मुरादगंज। क्षेत्र समेत आसपास के गांवों में बंदरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। तीन महीनों के अंदर आधा सैकड़ा से अधिक महिला, पुरुष और बच्चों को बंदरों ने घायल कर दिया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह होते ही बंदर कस्बे में आ जाते है। वह घरों में रखी खाने पीने की चीजों को भी अपना निशाना बनाना शुरू कर देते व कीमती चीजों को उठाकर ले जाते हैं। जब ग्रामीण उन्हें भगाने का प्रयास करते हैं तो बंदर उन पर हमला कर देते हैं। कुछ दिनों पहले ही एक बच्चे को बंदरों ने घायल कर दिया था। वही, चंदनापुर निवासी दीपेंद्र को बंदरों ने दौड़ा लिया था। इससे वह छत से गिरकर घायल हो गया। बंदरों के भय से स्कूल आने जाने वाले छात्र और बाहर खेलने वाले बच्चे घरों से निकलने में कतराने लगे हैं। वहीं, महिलाओं ने भी घरेलू कार्यों से छतों पर जाना बंद कर दिया है। परेशान ग्रामीण अब पहरेदारी करने को मजबूर हैं। गांव में बंदरों की संख्या काफी मात्रा में है, जो ग्रामीणों को परेशान कर रहे हैं। चंदनापुर निवासी योगेंद्र सिंह,अनुरुद्ध सिंह ,दशरथ सिंह ,शिशुपाल सिंह, रामन पोरवाल, रोहन सिंह, गोलू ,निखिल व सतेंद्र ने बंदरों को पकड़वाने की मांग की है।