औरैया। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) न्यायालय ने घर में घुसकर किशोरी से छेड़छाड़ व पीटने के आरोपी सौरभ चौहान और अमजद को दोषमुक्त कर दिया। पीठासीन अखिलेश्वर प्रसाद मिश्रा ने साक्ष्यों के अभाव और अभियोजन पक्ष की ओर से साक्ष्य साबित न कर पाने के बाद सुनाया फैसला। साथ ही कोर्ट ने वादी के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, 23 मई 2020 की रात जब वह घर के बाहर सो रहा था, तब घर के अंदर से आवाज सुनकर अंदर जाने पर उसने देखा कि सौरभ चौहान और अमजद उसकी बहन के ऊपर थे और कपड़े उतारने का प्रयास कर रहे थे। विरोध करने पर आरोपियों ने उसे पीट दिया और धमकी देकर भाग निकले।
पुलिस ने विवेचना के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था। विचारण के दौरान मामले की मुख्य साक्षी पीड़िता और वादी मुकदमा न्यायालय के समक्ष अपने बयानों से पलट गए, जिसके बाद उन्हें पक्षद्रोही घोषित किया गया। पीड़िता ने अपनी जिरह में स्पष्ट किया कि आरोपी अमजद की मां समीना ने घटना से पहले उनके परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। उसी मुकदमे से बचाव और पुरानी रंजिश के चलते यह झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष साक्ष्यों के आधार पर संदेह से परे अपने आरोपों और आधारभूत तथ्यों को साबित करने में विफल रहा है। पर्याप्त साक्ष्य और आधारभूत तथ्यों के अभाव में अदालत ने अभियुक्तगण सौरभ चौहान और अमजद को दोषमुक्त कर दिया है। साथ ही वादी मुकदमा मखबूल अली के खिलाफ अलग से दंड प्रकीर्ण दर्ज करने का आदेश दिया है।