कस्बे में बंद हुईं मीट व चिकन की दुकानें।
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अभी तक नियमों को दरकिनार कर मीट का कारोबार चल रहा था। सूबे में नई सरकार के फरमान के बाद खलबली मच गई है। प्रशासन की सख्ती से मीट और चिकन की दुकानें बंद हो गई हैं। प्रशासन और संबंधित विभागीय अधिकारी लाइसेंस पाने वालों को ही शहर के बाहर दुकानें चलाने की अनुमति देने की बात कह रहे हैं।
जिले में स्लाटर हाउस का कोई भी लाइसेंस नहीं है। अभी तक गुपचुप तरीके से पशु कटते रहे हैं। इसके अलावा मीट बिक्री का कारोबार भी मनमाने ढंग से चलता रहा। नगर निकाय और पुलिस के अनापत्ति प्रमाण पत्र के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग पंजीकरण और लाइसेंस जारी करता है।
अभी तक चंद पंजीकरण ही हुए थे। इनमें भी अधिकांश ने नवीनीकरण नहीं कराया। वर्तमान में एक-दो पंजीकरण ही वैध हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने कभी भी मौके पर पहुंचकर पंजीकरण की स्थिति और कारोबार के मानकों की पड़ताल नहीं की। इसके अलावा बिना लाइसेंस के दर्जनों दुकानें संचालित होती रहीं। प्रशासन की सख्ती के बाद से हड़कंप मचा हुआ है।