औरैया। डीजल के दाम बढ़ने से ट्रक मालिक पहले से ही परेशान थे, अब बरसात के चलते मौरंग खदानें बंद होने से रही सही कसर भी पूरी हो गई। खदानें बंद होने से तमाम ट्रक खड़े हो गए हैं। गुरुवार को जालौन रोड स्थित मौरंग मंडी और शहर में कई स्थानों पर ट्रक खड़े नजर आए। ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि ट्रकों का पहिया रुकने से मुनाफा तो दूर, गाड़ियों की किस्त निकालना मुश्किल हो रहा है। वहीं, मौरंग कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि खदानें बंद होने से मौरंग के दामों में इजाफा होगा। इससे अब लोगों को आशियाना बनाना महंगा हो जाएगा।
डीजल के दाम बढ़ने व मौरंग खदानें बंद होने से ट्रक मालिकों के सामने समस्या खड़ी हो गई हैं। ट्रकों के खड़े होने से इस कारोबार को हर रोज तीन से चार लाख का नुकसान हो रहा है। ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े मुकेश गुप्ता ने बताया कि डीजल के मूल्य वृद्धि से ट्रांसपोर्ट मालिकों को हर रोज हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इधर कुछ दिनों से प्रतिदिन 10 लाख में जाने वाला यह कारोबार अब डेढ़ से दो लाख में ही सिमट गया है। लॉकडाउन के चलते बाजारों में खरीदार न होने से दुकानदार भी माल बाहर से नहीं मंगवा रहे हैं।
डीजल का दाम बढ़ने से धंधे पर असर पड़ा। ट्रक मालिक मौरंग कारोबार से उम्मीद लगाए थे। अब बरसात आने के चलते खदानें भी बंद हो गईं। ऐसे में ट्रांसपोर्ट कारोबार को तगड़ा झटका लगा है। वहीं, डीजल का दाम बढ़ने और खदानें बंद होने का असर यह रहा कि गुरुवार को जालौन रोड स्थित मौरंग मंडी और शहर में कई स्थानों पर ट्रक खड़े नजर आए।
दिबियापुर ट्रक यूनियन के अध्यक्ष श्याम नरेश त्रिपाठी का कहना है कि डीजल की बढ़ी कीमतों के चलते कई ट्रक मालिकों ने ट्रकों को खड़ा कर दिया है। ऐसे में अब ट्रांसपोर्टर मालिकों के सामने माल भाड़ा में वृद्धि करने का ही रास्ता बचा है।
ट्रक मालिक हीरा शुक्ला ने बताया कि डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी से ट्रक मालिकों की परेशानियां बढ़ीं हैं। अब खदानें बंद होने से रही सही कसर भी पूरी हो गई। इससे ट्रकों को खड़ा करना मजबूरी हो गई है। खदानें बंद होने से मौरंग के दाम बढ़ने के आसार हैं।