औरैया। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी के बाद शहर के व्यापारियों में गहरी चिंता देखी जा रही है। ईंधन के दाम बढ़ने का सीधा असर अब माल ढुलाई पर पड़ने लगा है। ट्रांसपोर्ट कंपनियों ने किराया बढ़ा दिया है, इससे आवश्यक वस्तुओं की लागत में भारी इजाफा हो गया है।
कारोबारियों का कहना है कि चीजें महंगी होने से जहां आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है, वहीं बाजार में ग्राहकों की कमी से व्यापारियों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ईंधन के दामों में लगी इस आग से हर वर्ग त्रस्त है। लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
मरीजों को परेशानी
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का असर सीधे तौर पर जीवन रक्षक दवाओं पर भी दिखने लगा है। ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने की वजह से दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है, जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।- डॉ. वेद प्रकाश गुप्ता, दवा व्यापारी
बिक्री में गिरावट
ईंधन महंगा होने से लोहे की माल ढुलाई काफी बढ़ गई है। लागत बढ़ने से वर्तमान में बाजार से ग्राहक पूरी तरह गायब हैं, इससे हमारी दैनिक बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई है। - अमित पोरवाल, लोहा व्यापारी
बाजार में रौनक नहीं
रेडीमेड और थान के कपड़ों के रेट अधिक हो जाने के कारण रिटेल मार्केट में बिक्री बहुत कम हुई है। त्योहारों और लगन के सीजन में भी बाजार में वो रौनक नहीं दिख रही है जो होनी चाहिए।- अमन गुप्ता, कपड़ा व्यापारी
महंगाई बढ़ गई
किराना का अधिकांश माल बाहरी मंडियों और दूर-दराज के इलाकों से आता है। भाड़ा बढ़ने के कारण दाल, तेल और अन्य घरेलू सामानों में महंगाई बढ़ गई है। आम जनता का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।- प्रणव राठौर, किराना व्यापारी
फोटो -13- डॉ. वेदप्रकाश गुप्ता। संवाद- फोटो : तपोस्थली में आयोजित भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते लोग।
फोटो -13- डॉ. वेदप्रकाश गुप्ता। संवाद- फोटो : तपोस्थली में आयोजित भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते लोग।
फोटो -13- डॉ. वेदप्रकाश गुप्ता। संवाद- फोटो : तपोस्थली में आयोजित भंडारे में प्रसाद ग्रहण करते लोग।