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तापमान व लोड बढ़ने से उबलने लगे ट्रांसफार्मर

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इंडियन ऑयल के पास टूटे तार को सही करते बिजली कर्मी। संवाद - फोटो : AURAIYA
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औरैया। मई माह की भीषण गर्मी को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों ने भले ही तीन माह पहले कार्य योजना तैयार की हो, पर नतीजा शून्य रहा। तापमान व लोड बढ़ने के कारण बिजली केंद्र पर लगे 10-10 एमवी के ट्रांसफार्मरों का तेल उबलने लगा है। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते इस बार गर्म हो रहे ट्रांसफार्मरों को ठंडा करने के लिए कूलर भी नहीं लगाए गए हैं।
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ऐसे में दिनोंदिन बढ़ रहे तापमान व लोड के चलते बड़े ट्रांसफार्मरों के फुंकने की संभावना बनी है। वहीं फाल्ट की वजह से उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में घंटों बिजली का इंतजार करना पड़ रहा है। रविवार को जिले का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस होने पर लोगों को भीषण गर्मी की मार झेलनी पड़ी। इसके अलावा अघोषित बिजली कटौती से भी लोगों का जीना दुश्वार हो गया है।
विभागीय सूत्रों की मानें तो अघोषित बिजली कटौती का मुख्य कारण बढ़ता तापमान व ओवरलोड है। जिससे जबरदस्त गर्म होने के चलते ट्रांसफार्मरों का तेल भी उबलने लगा है। तेल अब बहकर ट्रांसफार्मर से नीचे गिरने लगा है। इस वजह से बिजली आपूर्ति में समस्या आ रही है। जिले में 245 ट्रांसफार्मर है। गर्मी के कारण कुछ ट्रांसफार्मरों से तेल बहने लगा है, जिनकी मरम्मत का कार्य विभाग के कर्मचारियों ने शुरू कर दिया है।
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ओवरलोड की वजह से बार-बार ट्रिपिंग हो रही है, इस वजह से रविवार को दिन भर बार-बार 10 से 20 मिनट के लिए बिजली की आंख मिचौनी का क्रम जारी रहा। वहीं, ओम नगर में लगा एक ट्रांसफार्मर शनिवार की देर रात फुंक गया। रविवार को नया ट्रांसफार्मर वहां पर लगाया गया। इसके साथ ही एक नंबर फीडर पर अस्पताल के पास लगे ट्रांसफार्मर के एचटी लाइन का जंफर शनिवार देर रात में जल जाने से इस फीडर के लगभग पांच सैकड़ा से अधिक उपभोक्ताओं को पूरी रात बिना बिजली के गुजारनी पड़ी। शनिवार रात में ही इंडियन ऑयल के पास तार टूटने के कारण करीब तीन घंटे तक लोगों को परेशानी हुई।
जेई विवेक खरे ने बताया कि एक फीडर की क्षमता 100 से 110 एंपियर होती है, ज्यादा से ज्यादा 150 एंपियर तक ट्रांसफार्मर को संचालित किया जा सकता है। जबकि इन दिनों बढ़ते तापमान व ओवरलोड की वजह से 180 से 190 एंपियर तक ट्रांसफार्मरों पर लोड बढ़ा हुआ है। इसको बैलेंस करने का प्रयास कर्मचारी कर रहे हैं। जिस ट्रांसफार्मर में कम लोड होता है, वहां उसका संपर्क कराकर बैलेंस कराने का प्रयास किया जाता है। क्षमता से अधिक लोड होने पर ट्रांसफार्मर फुंक जाते हैं। मई माह में 100 केवी के दो ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं। उनकी जगह पर नए ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। कूलर, पंखे, एसी, फ्रिज, टीवी अधिक चलने की वजह से फीडर ट्रिप हो रहे हैं। विभाग के पास मौजूद उपकरण व संसाधनों की मदद से दुरुस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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