दिबियापुर। कोहरे के चलते दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों के लेटलतीफी बढ़ गई है। यात्रियों की मांग के बावजूद दूसरी ट्रेनों को स्टॉपेज न मिलने से उनकी मुसीबत बढ़ गई है। मजबूरन यात्रियों को बस व डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
कोरोना काल के दौरान जिले के सबसे बड़े रेलवे स्टेशन फफूंद पर मुरी एक्सप्रेस, लिंक एक्सप्रेस आदि का स्टापेज समाप्त हो चुका है। अब कोहरे के कारण ऊंचाहार एक्सप्रेस एवं आगरा लखनऊ इंटरसिटी का संचालन बंद है। अब दिल्ली जाने वाली केवल तीन जोड़ी ट्रेनें फफूंद पहुंचने वाले यात्रियों का आसरा हैं। तीनों ट्रेेनें दिन की होने के कारण रात के समय यात्रियों को दिल्ली जाने के लिए दूसरे संसाधनों का सहारा लेना पड़ता है।
यात्री कानपुर और इटावा से ट्रेनें पकड़ने के लिए मजबूर हैं। ऐसे में आरक्षित टिकट मिलना यात्रियों के लिए परेशानी भरा है। आलम यह है कि दिल्ली की ओर जाने के लिए यात्री तत्काल कोटा में आरक्षण कराने के लिए सुबह लंबी लाइन में लगते हैं। टिकट मिल जाता है तो ट्रेनों की लेटलतीफी उन्हें परेशान कर देती है। बुधवार को 12311 अप हावड़ा कालका नेताजी एक्सप्रेस दोपहर दो बजकर 41 मिनट की बजाय लगभग तीन घंटा देरी से शाम करीब छह बजे आई।
15483 अप महानंदा एक्सप्रेस दोपहर दो बजकर 25 मिनट की बजाय शाम छह बजे गई। गोमती एक्सप्रेस सुबह आठ बजकर 50 मिनट की बजाय करीब पौने दस बजे गई। इधर, यात्रियों ने कोहरे तक दूसरी ट्रेनों के ठहराव की भी मांग की है।
यात्रियों का कहना है कि पिछले वर्षों में रद्द ट्रेनों के स्थान पर दूसरी ट्रेनों के स्टापेज दिए जाते थे। इससे यात्रियों को सहूलियत होती थी। इधर, स्टेशन अधीक्षक वेदप्रकाश का कहना है कि आरक्षित टिकट से ही यात्रा की अनुमति होने के कारण अन्य ट्रेन का स्टॉपेज होने पर भी यात्रियों को ट्रेन का लाभ नहीं मिलेगा। फिलहाल दूसरी ट्रेनों का स्टॉपेज नहीं दिया जा सकता है।