भारत सरकार के रोड सेफ्टी बिल 2014 के विरोध में रोडवेज कर्मचारी लामबंद हो गए हैं। इस मामले में बुधवार को कर्मचारियों ने बैठक की। इसके बाद रोडवेज परिसर में नारेबाजी करते हुए मांगों को पूरा किए जाने की आवाज बुलंद की। साथ ही चक्का जाम करने के संबंध में एआरएम को ज्ञापन सौंपा।
यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के बैनर तले बुधवार को रोडवेज परिसर में कर्मचारियों ने बैठक की। बैठक में उपस्थित कर्मचारियों को संबोधित करते हुए संगठन के क्षेत्रीय मंत्री अखिलेश दुबे ने कहा कि भारत सरकार के रोड सेफ्टी बिल 2014 के विरोध में यूनियन के पदाधिकारियों ने एक सितंबर की आधी रात के बाद से चक्का जाम करने का निर्णय लिया है। सभी रोडवेज कर्मचारी चक्का जाम को सफल बनाएंगे। एक सितंबर की आधी रात के बाद से बसों को जहां की तहां रोक देंगे। इस बिल के लागू होने से रोडवेज कर्मचारियों पर ही नहीं बल्कि श्रमिकों, ट्रकों, टैक्सी व बसों पर भी असर पड़ेगा। यह वाहन भी बंद हो जाएंगे। बिल को ट्रांसपोर्ट एवं वाहन चालक, परिचालक सेवा में काला विधेयक बताया गया।
शाखा अध्यक्ष पीएन दुबे ने कहा कि इस बिल को समाप्त करने और न्यूनतम मजदूरी 350 रुपये किए जाने की मांग की जा रही है। भारत सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो वह हड़ताल पर रहेंगे। इससे भारत सरकार को लाखों रुपये राजस्व की हानि होगी। बैठक के बाद रोडवेज कर्मचारियों ने परिसर में नारेबाजी की। एआरएम को ज्ञापन देते हुए चक्का जाम के निर्णय से अवगत कराया।
इस मौके पर शाखा मंत्री देवेंद्र यादव, रमेश यादव, राम प्रकाश उपाध्याय, मनोज मिश्रा, ब्रह्मानंद दीक्षित, आरएन मिश्रा, आमोद तिवारी, अनिल सक्सेना, संतोष यादव, प्रीतम यादव, हरीशंकर यादव, नरेंद्र यादव, रमाकांत मिश्रा, केएम यादव, रवींद्र चौहान, होतीलाल, रज्जन बाबू, दीपक शर्मा, सत्येंद्र चतुर्वेदी, प्रह्लाद सिंह, सुबोध शुक्ला, आनंद शुक्ला, सुधीर शुक्ला, विष्णु भारत, अशोक अग्निहोत्री, पीएन मिश्रा, शिवाकांत शुक्ला सहित सभी रोडवेज के कर्मचारी मौजूद रहे।