गोपाल शंकर पोरवाल
दिबियापुर। लोकसभा चुनाव आचार संहिता लगने से कई महीनों तक करोड़ों रुपये की जिले की कई विकास परियोजनाएं फंस जाएंगीं। 24.7 करोड़ की तीन परियोजनाओं की शासन से स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन काम शुरू न हो पाने के कारण यह परियोजनाएं लटक गईं हैं।
इनमें से सबसे प्रमुख परियोजना असेनी से बेला तक 19 किलोमीटर के जीर्णोद्धार का काम है। सात करोड़ से जीर्णोद्धार होने वाले इस योजना के लिए सात मार्च को शासनादेश जारी हो चुका है। साथ ही एक लाख रुपए का बजट आवंटित हो चुका है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही थी और 18 मार्च को ठेकेदार को टेंडर आवंटन कराने के प्रयास चल रहे थे।
दूसरी परियोजना की बात करें तो सहार बिधूना मार्ग का चौड़ीकरण प्रस्तावित है। 14.5 करोड़ रुपये से 8.7 किलोमीटर लंबी डेढ़ लेन सड़क के टू लेन चौड़ीकरण के लिए 3.62 करोड़ रुपये शासन से मिल चुके हैं। इसके लिए टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन टेंडर आवंटित होने से पहले ही आचार संहिता लग गई। तीसरी परियोजना की बात करें तो दिबियापुर में नहर पर प्रस्तावित टू लेन पुल का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए अक्तूबर 2023 में शासनादेश जारी हो चुका है।
3.22 करोड़ से बनने वाले इस पुल के लिए 2.58 करोड़ रुपए शासन से अवमुक्त हो चुके हैं। टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, लेकिन दिबियापुर नहर पुल के निर्माण के लिए सामग्री पहुंचाने के लिए रास्ता न होने के कारण अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
इस संबंध में पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार यादव का कहना है कि सहार बिधूना मार्ग चौड़ीकरण एवं बेला असेनी मार्ग के जीर्णोद्धार के लिए मिली धनराशि में से कुछ धनराशि का प्रयोग इसके लिए आवश्यक सामान खरीदने एवं टैक्स आदि में प्रयोग किया जाएगा ताकि अगले वित्तीय वर्ष में फिर से कार्य को दोबारा स्वीकृत न कराना पड़ेगा। टेंडर आचार संहिता के बाद ही खुल सकेगा। वहीं फफूंद रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव का मामला भी अटक गया।
इंसेट-
हजारों करोड़ की परियोजनाएं शासनादेश के इंतजार में अटकीं
1- जिले की लगभग पांच हजार करोड़ की पचनद बैराज परियोजना की डीपीआर केंद्रीय जल आयोग द्वारा बनाई जा रही थी। डीपीआर अंतिम चरण में पहुंच गई थी। इसके लिए शासनादेश जारी होना था।
2- औरैया से ककोर सड़क को फोरलेन किए जाने का 138 करोड़ रुपये का प्रस्ताव वित्तीय स्वीकृति के बाद शासन में लंबित था। लोकसभा चुनाव से पहले शासनादेश जारी होने की आशा मेंं इसका टेंडर भी निकाला जा चुका था। टेंडर ऑनलाइन होना बाकी थी।
3- ककोर से कंचौसी इंडस्ट्रियल एरिया के लिए 21.5 करोड़ रूपये से सड़क बनना प्रस्तावित है। शासनादेश जारी होने की आशा में इसका भी टेंडर निकाला जा चुका है।
4- विलरायां पनवाड़ी राजमार्ग पर स्थित बेला से ककोर मार्ग तक लगभग 35 किलोमीटर मार्ग के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए लगभग 879 करोड़ का प्रस्ताव लंबित है। अभी तक इस प्रस्ताव को वित्तीय स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
5- दिबियापुर से याकूबपुर तक 22.7 किलोमीटर लंबे मार्ग को टू लेन से तीन लेन चौड़ीकरण एवं दिबियापुर से बाबरपुर तक 25 किलोमीटर मार्ग को फोरलेन किए जाने का लगभग 84.83 करोड़ रूपये का इस्टीमेट शासन में लंबित है।
6- विलरायां पनवाड़ी राजमार्ग पर दिबियापुर में 10.86 किलोमीटर लंबे बाईपास निर्माण का लगभग 572 करोड़ रुपये का एस्टीमेट शासन में लंबित है।