औरैया। जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने मंगलवार को कलक्ट्रेट स्थित कार्यालय में जूम मीटिंग के जरिए विकास कार्यों की समीक्षा कर प्रगति ली।
उन्होंने एआईजी स्टांप को निर्देश दिए कि जमीन की रजिस्ट्री कराने में पहचान छिपाने वालों की जांच की जाए। इसके साथ ही ऐसे मामले चिह्नित कर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने राजस्व समेत अन्य मामलों से संबंधित प्रार्थना पत्रों की समीक्षा में संतुष्टि प्रतिशत कम पाने पर नाराजगी जताई। कहा कि बार-बार कहने के बाद भी तहसील व विकासखंड स्तर पर प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में संबंधित अधिकारी दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। इससे असंतुष्टि प्रतिशत बढ़ता है, जो बहुत ही गलत है। उन्होंने संबंधितों को मामलों का निस्तारण करने के निर्देश दिए।
डीएम ने एसडीएम व थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि मिशन समाधान दिवस की अवधि राजस्व व आपसी झगड़ों के विवादों से संबंधित मामलों का तहसील व थानावार तुलनात्मक विवरण उपलब्ध कराएं।
वहीं, समीक्षा में प्लॉट व जमीन की रजिस्ट्री में यह देखने में आया है कि क्रेता द्वारा अपनी पहचान छुपाने के लिए प्रपत्र में आधार नंबर, मोबाइल नंबर, पैन नंबर, आदि का अंकन नहीं किया जाता है, जो आपत्तिजनक है। उन्होंने एआईजी स्टांप को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों की जांच कर कार्रवाई की जाए।
समीक्षा में उन्होंने सीडीओ को निर्देश दिए कि कोई भी विभागीय अधिकारी बिना अवकाश स्वीकृति के मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। वरना संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही न्याय पंचायतवार डिजिटल डायरी तैयार करने के निर्देश दिए।