फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Auraiya News: हद है... डेढ़ करोड़ मिले, शुभारंभ हुआ, भूले नदी की सफाई

विज्ञापन
पांडव नदी के दोनों छोर पर उगी झाड़ियां। - फोटो : पांडव नदी के दोनों छोर पर उगी झाड़ियां।
विज्ञापन
बिधूना (औरैया)। प्रशासनिक अमले की लापरवाही देखिए। जिस पांडव नदी की सफाई के लिए एक साल पहले एक करोड़ 56 लाख रुपये जारी हो चुका है, उसकी अब तक सफाई नहीं कराई जा सकी है।
विज्ञापन

हैरानी यह है कि दिखावे के लिए सफाई अभियान का शुभारंभ कर दिया गया था, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ा। नतीजा यह कि हर साल की तरह पिछले साल भी पांडव नदी का पानी ओवरफ्लो होकर कई गांव में घुस गया था। इस बार भी समय रहते काम नहीं हुआ तो दर्जनों गांव के बाशिंदों को फिर से वही परेशानी का सामना करना पड़ेगा। पांडव नदी एक बार फिर से अपना तांडव दिखाएगी। इससे प्रभावित होने वाले लोगों में नाराजगी है।

दरअसल, बिधूना तहसील क्षेत्र से गुजरी पांडव नदी हर साल उफनाकर आसपास के एक दर्जन से अधिक गांव में घुस जाती है। इससे जनजीवन तो प्रभावित होता है ही साथ ही सैंकड़ों एकड़ फसलें चौपट हो जाती हैं। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर पांडव नदी की सफाई के लिए मनरेगा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 में पांडव नदी का पुनरुद्धार व विकास कार्य के लिए एक करोड़ 56 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर तैयार था।
विज्ञापन

इसके तहत 93 लाख रुपये से मनरेगा के श्रमिकों से काम होना था। उन्हें काम भी मिलना था। अन्य शेष रुपये से पोकलैंड मशीन से खोदाई व अन्य काम होना है। इसके लिए पिछले साल 13 मार्च 2024 को जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों ने पांडव नदी की सफाई का शुभारंभ तक कर दिया था। इसके बाद आगे का काम पूरा करवाना भूल गए। नदी की खोदाई नहीं कराई जा सकी। हैरानी यह है कि एक साल बाद भी अब तक बिधूना ब्लॉक के अधिकारियों की ओर से न तो श्रमिकों के लिए मास्टर रोल निकाले गए, न ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी की गई। इससे अब तक पांडव नदी की सफाई का काम चालू नहीं हो सका है।
-
ये गांव आए थे पांडव नदी की बाढ़ के चपेट में
-रायपुर कैथावा, पुर्वा विधी, अजीत पुर्वा, बराहार, जरावन, लालपुर, उम्मेदपुर्वा समेत एक दर्जन गांवों की फसलें पिछली बारिश में डूब गई थीं। गांवों में भी पानी भर गया था। सड़कें डूब जाने से लोगों का आवागमन खतरे के बीच था।





-

लोगों ने रखी अपनी बात



रायपुर निवासी संजय सिंह ने बताया कि शासन से रकम जारी हो गई, लेकिन ब्लॉक के अधिकारियों की उदासीनता से पांडव नदी की सफाई नहीं हो सकी। ऐसे में बारिश के मौसम में फिर से परेशानी बढ़ सकती है। डर है कि कहीं फिर से फसल न बर्बाद न हो जाए। जरूरी है कि जल्द सफाई चालू कराई जाए।



राजेंद्र सिंह भदौरिया ने कहा कि पांडव नदी की बाढ़ से हर बार क्षेत्र के 10 से 12 गांव के किसानों की फसलें बाढ़ से बर्बाद हो जाती हैं। गांव से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में पांडव नदी की सफाई अति आवश्यक है। शासन से जब पैसा मिल चुका है तो सफाई न कराने की वजह समझ में नहीं आती।


-
बोले जिम्मेदार, इस बार होगी सफाई
बिधूना ब्लॉक के बीडीओ की जिम्मेदारी संभाल रहे उपायुक्त श्रम रोजगार रामदुलार ने बताया कि पांडव नदी की सफाई का काम मार्च में चालू कराया जाएगा। कुछ कागजी कार्य बचा है, उसे फरवरी माह में पूरा कर लिया जाएगा। पिछले वर्ष नदी में पानी होने के कारण काम नहीं हो सका था। इस बार मार्च में काम चालू हो जाएगा। पांडव नदी के साथ जनपद की अन्य नदियों के जीर्णोद्धार के लिए डीएम की बैठक हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें