औरैया। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश करेंगी। इसे देखते हुए गृहणियों की उम्मीदें भी जग गई हैं। हर वर्ग के लोग उनसे अपने लिए राहत की उम्मीद लगाए हुए हैं।
इनमें हर घर में रसोई के बजट को संभालने वाली घरेलू और कामकाजी महिलाएं भी शामिल हैं। लोगों को सामान और सेवाओं पर लगने वाले कर में भी राहत मिलने की उम्मीद है। महिलाओं को भी मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के इस बजट को लेकर उत्सुकता है।
चूंकि, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण खुद एक महिला हैं तो यह नया बजट महिलाओं के लिए भी खास होगा। केंद्रीय बजट में क्या कुछ नया होने वाला है। इसको लेकर महिलाएं उत्सुक हैं। घर के बजट का भार संभालने वाली महिलाएं चाहती हैं कि महंगाई कम हो और घरेलू प्रयोग होने वाले सामान की दरों में बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए।
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सरकार ने 2024-25 के बजट में महिला सशक्तीकरण के लिए तीन लाख करोड़ रुपये आवंटित किए थे। महिलाओं को उम्मीद है कि सरकार इस बार बजट में इजाफा करेगी। ‘समान काम के लिए समान वेतन’, सरकारों ने इस दिशा में बहुत कुछ नहीं किया है। उम्मीद है कि सरकार इसके लिए कदम उठाएगी।- मंगला शुक्ला, गृहिणी
कामकाजी महिलाओं की ही एक और पुरानी मांग रही है। सिंगल मदर्स, अकेले बच्चों को पाल रही महिलाओं को काम के स्थान पर क्रेच की सुविधा मिलने से बहुत राहत होगी। -लक्ष्मी विश्नोई, गृहिणी
महिलाओं के लिए ‘मिशन शक्ति’, ‘मातृ वंदना योजना’ और ‘जननी सुरक्षा योजना’ जैसी कई योजनाएं चला रही हैं। ये योजनाएं महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक स्थिति से जुड़ी हैं। महिलाओं को उम्मीद है कि सरकार इन योजनाओं को जारी रखेगी और इनका बजट बढाएगी। - अनुपम, गृहिणी
वित्तमंत्री को चाहिए कि वह बजट को खुद एक गृहिणी के रूप में तैयार कराएं तो बेहतर होगा। शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है। बढ़ते फीस के स्ट्रक्चर को रोकना चाहिए। रसोई गैस की कीमतें कुछ कम होने के साथ आमजन की जरूरतों का भी ख्याल रखें तो बेहतर होगा।- अनीता, गृहिणी,
वित्तमंत्री को चाहिए कि हर घर में प्रयोग होने वाले दाल, चावल, आटा के साथ-साथ कपड़े आदि की दरों को नियंत्रित रखें तो बेहतर होगा। क्योंकि इससे सीधे तौर पर आम जनता प्रभावित होती है। - बबिता गुप्ता, गृहिणी
बजट को जन उपयोगी बनाए तो बेहतर होगा। बढ़ती महंगाई का असर तो गरीब तबके के लोगों पर पड़ता है। इस कारण घरेलू बजट भी प्रभावित होता है। उम्मीद है कि आधी आबादी का ख्याल रखा जाएगा। -अनुराधा यादव, गृहिणी
वित्तमंत्री की ओर से पेश किए जाने वाले इस बजट में घरेलू बजट का ख्याल रखना चाहिए। रसोई गैस की कीमतों में कमी आए तो बेहतर होगा। प्राइवेट स्कूलों में बढ़ती फीस एवं बस्तों पर भी ध्यान दें तो बेहतर होगा। इसके साथ टैक्स में राहत प्रदान करनी चाहिए। -पंकज प्रज्ञा, गृहिणी
महंगाई पर लगाम लगाने के लिए खास कदम उठाए जाने की उम्मीद दिख रही है। सरकार से अपील है कि बजट में ऐसा कुछ प्रावधान करें ताकि सस्ते घरेलू एलपीजी गैस सिलिंडर सभी वर्गों के लिए उपलब्ध हो सकें। पेट्रोल डीजल की कीमतों में कटौती करनी चाहिए। -आरती पोरवाल, गृहिणी