अटसू। गांव लाल का पुरवा में पौराणिक ठाकुरजी मंदिर में कब्जे से ताला पड़ा है। इससे सावन में पूजा पाठ करने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। शिकायत के बावजूद ताला न खुलने से लोगों मे आक्रोश बढ़ रहा है।
कई साल पहले गांव निवासी दुनिया सिंह भदौरिया ने रकबा नंबर 167 की लगभग दो एकड़ जमीन मंदिर को दान में दी थी। उनके द्वारा ही इस भूमि पर ठाकुर जी मंदिर का निर्माण कराया गया था। मंदिर व जमीन की देखरेख रसूलपुर निवासी सुघर सिंह राजावत, लाल का पुरवा निवासी बुद्ध सिंह चौहान, रुरुआ निवासी मोहर सिंह सेंगर तथा बरीपुरा खगीपुर निवासी राधा रमन दुबे को सौंपी गई थी।
इन सभी लोगों का स्वर्गवास होने के बाद वर्ष 2007 में मंदिर व जमीन की देखरेख की जिम्मेदारी रसूलपुर निवासी संतोष को सौंपी गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर के पुजारी संतोष ने पौराणिक मंदिर व जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। 24 घंटे मंदिर में ताला लगा रहता है। इससे ग्रामीणों को पूजा अर्चना करने में भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों ने बताया कि पौराणिक ठाकुर जी मंदिर की साफ सफाई व पूजा अर्चना न होने से मंदिर खंडहर में तब्दील हो रहा है। गांव निवासी उदय प्रताप सिंह, अरुण कुमार सिंह, कपिल कुमार, उमेश पाल सिंह, अवधेश, रवि शंकर, श्री नारायण, वीर सिंह, मन्नू, कीरत, बालमुकुंद, शिवनाथ सिंह, जितेंद्र सिंह आदि ग्रामीणों ने अवैध कब्जे की शिकायत की।
मगर सुनवाई न होने के चलते ग्रामीणों में भारी आक्रोश पनप रहा है। सभी ग्रामीणों ने जिला व स्थानीय प्रशासन से पौराणिक मंदिर से अवैध कब्जा हटवाने की मांग की है। उधर, एसडीएम निखिल राजपूत ने बताया कि कोई शिकायत आती है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।