संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। ग्राम पंचाययों में विकास कार्य के नाम पर खर्च किए गए लाखों रुपये का हिसाब न देने वाली ग्राम पंचायतें अब कार्रवाई के दायरे में आ गईं हैं। वर्ष 2010 से 2017 तक के ऑडिट प्रकरण लंबित होने व गड़बड़ी मिलने पर 38 पंचायतों को नोटिस जारी कर अभिलेख तलब किए गए हैं।
खर्च की गई सरकारी धनराशि का एक सप्ताह में हिसाब न देने पर तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारियों व प्रधानों पर कार्रवाई की जाएगी। मामला संज्ञान में आने के बाद पंचायती राज विभाग से लेकर पंचायतों तक खलबली मची हुई है।
ग्राम पंचायतों में राज्य वित्त, 15वें वित्त आयोग के साथ अन्य मदो में भारी भरकम बजट दिया जाता है। इससे गांव में विकास कार्य कराने होते हैं। बिधूना ब्लॉक की 38 ग्राम पंचायतों ने विकास कार्यों के नाम लाखों रुपये की सरकारी धनराशि खर्च कर डाली, मगर उसका लेखाजोखा तैयार नहीं रखा। सोशल ऑडिट टीम को खर्च की गई धनराशि के अभिलेख न मिलने पर गड़बड़ी की आशंका जताई गई है।
इधर सोशल ऑडिट टीम ने इसकी रिपोर्ट भी दी। मामला संज्ञान में आने पर दिसंबर 2023 में निदेशक पंचायत राज उत्तर प्रदेश ने डीपीआरओ को पत्र जारी कर वित्तीय वर्ष 2010-11 से लेकर 2016-17 तक के लंबित प्रकरणों की आख्या मांग ली। इस पर 12 जनवरी 2024 को डीपीआरओ स्तर से पत्र जारी कर ब्लॉक में बीडीओ संबंधित पंचायतों का खर्च ब्योरा अभिलेख के साथ तलब किया गया, मगर किसी ने अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए।
शासन स्तर से सख्ती होने पर अब डीपीआरओ की ओर से 38 ग्राम पंचायतों के तत्कालीन सचिव से लेकर ग्राम प्रधान को नोटिस जारी कर दिए हैं। वहीं जारी हुए नोटिस में सीधे तौर पर यह चेतावनी दी गई है कि यदि प्रपत्र नहीं मिले, तो निकाली गई धनराशि सीधे तौर पर गबन मानी जाएगी।
विकास कार्यों को लेकर निकासी, कार्यों, व्ययप्रमाणक, कार्य योजना रजिस्टर, माल आपूर्ति, स्टाॅक रजिस्टर समेत अन्य अभिलेख चार-चार कापी में उपलब्ध कराने हैं। अभिलेख जमा न कर पाने की स्थिति में तत्कालीन प्रधान व सचिव से कुल खर्च की आधी-आधी धनराशि वसूली जाएगी।
वह पंचायत जिन्हें जारी हुई नोटिस-
विकास खंड बिधूना की नीमहार, बेला, बन्सई, कुर्सी, भटौली, मढ़ामाछीझील, मऊ, जरावन, गैली, धनवाली, पसुआ, महू, सरायप्रथम, निवादाधाधू, उसरहा, कसहरी, बांधमऊ, भदौरा, बर्रुकुलासर, सिरयावा, हरदू, धरमंगदपुर, ताजपुर, नूरपुर खरगपुर, रूपपुर सहार, भदसिहा, असजना, इंदपामऊ, कल्यानपुर जागू, मटेरा, बरकसी, चिरौली, मसूदपुर, नंदपुर, सांवलिया, बेलपुर बेला, मुढियाई, सबहद।
वर्जन
जिले की 38 ग्राम पंचायतों में वर्ष 2010 से 2017 के बीच अलग अलग प्रस्तरों(मद) में खर्च की गई धनराशि के अभिलेख ऑडिट टीम को नहीं दिए गए हैं। संबंधित पंचायतों से अलग प्रस्तर पर खर्च की धनराशि के अभिलेख तलब करते हुए तत्कालीन सचिव व ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी की गई है। अभिलेख उपलब्ध न कराने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-कामिनी गौतम, डीपीआरओ