फोटो-16- खेत में खड़ी आलू की फसल। संवाद
औरैया। धूप निकलने से आलू बोने वाले किसानों को काफी राहत पहुंची है। एक पखवाड़े से लगातार कोहरे व पाला के चलते आलू की फसल में झुलसा रोग लग रहा था। दवा के छिड़काव से खेती की लागत बढ़ रही थी। अब धूप निकलने से किसान खुश हैं।
आलू की फसल में कोहरे व पाला के चलते झुलसा रोग का खतरा पिछले कुछ दिनों से बना हुआ था। ऐसे में फसल बचाने के लिए किसान दवा का छिड़काव कर रहे थे। किसानों के अनुसार प्रति बीघा दवा छिड़काव में सौ रुपये का खर्च आ रहा था। ऐसे में आलू की फसल में लागत बढ़ती जा रही थी। अब धूप खिलने के बाद फसल तेजी से बढ़ेगी।
अब किसान उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद लगा रहे हैं। उधर, कुछ जगहों पर मौसम की मार से आलू की फसल पीली पड़ गई है। ऐसे में वहां पर उत्पादन गिरने की संभावना भी है। ऐसे में किसान अब झुलसा रोग से प्रभावित हुई आलू की फसल में खाद डालकर राहत देने का प्रयास कर रहे हैं।
किसान बोले-झुलसा रोग लग गया
चार बार डाली दवा
चार बीघा आलू की फसल तैयार की थी। झुलसा रोग से फसल को बचाने के लिए चार बार दवा का छिड़काव करना पड़ा है। ऐसे में प्रति बीघा सौ रुपये की लागत बढ़ गई है।-बादशाह राजपूत
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ठीक कर रहे फसल
10 बीघा आलू की फसल में झुलसा का संकट था। अब धूप खिलने के बाद राहत आई है। खाद के जरिए अब प्रभावित हुई फसल को ठीक करने का प्रयास कर रहे हैं।-सत्यवीर सिंह
धूप खिलने से अब आलू की फसल में झुलसा रोग की आशंका खत्म हो गई है। किसान अब अपनी फसलों में खाद का प्रयोग कर सकते हैं। ऐसे में कंद आने शुरू हो जाएंगे।-डॉ. रामपलट, कृषि वैज्ञानिक
फोटो-16- खेत में खड़ी आलू की फसल। संवाद