डाकघर में मिलेंगी अब कई सुविधाएं
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नोटबंदी के दौरान बैंकों के ग्राहक ही आयकर की जांच से नहीं गुजरने वाले हैं। डाकघर के खाताधारकों को भी आयकर विभाग का सामना करना पड़ेगा। आयकर विभाग ने नोटबंदी के दो माह के दौरान डाक विभाग से एक लाख और ढाई लाख रुपये से अधिक जमा करने वालों की जानकारी मांगी है।
नोटबंदी के बाद से ढाई लाख तक जमा करने की छूट दी गई थी। लेकिन इसके बाद भी ढाई लाख तक जमा करना वालों का डाटा मांगा जाने लगा है। नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने पर आयकर विभाग ने सभी बैंकों के सीसीटीवी की रिकार्डिंग भी मांगी है। इधर डाकघर में भी इस दौरान जमा और नोट बदले गए। डाकघरों में कोई सीसीटीवी कैमरा नही लगा था जिससे रिकार्डिंग संभव ही नही है। इसलिए अभी तक डाकघर के खातेदार खुद को सेफ मोड में मानकर चल रहे थे।
आयकर की ओर से जिले की विभिन्न बैंक से जानकारी जुटाई जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया से डाक विभाग अब तक दूर था, जबकि यहां भी बड़ा ट्रांजेक्शन हुआ है। डाक विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आयकर ने पत्र भेजकर एक लाख से अधिक जमा करने वालों का डाटा उपलब्ध कराने को कहा है। हालांकि यह इतना आसान नहीं है। जिले में आधा सैकड़ा से अधिक उपडाकघर हैं। उनसे जानकारी आने में समय लग सकता है।
बैंको के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित
आदेश के बाद सभी बैंकों ने अपने सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर लिए हैं। स्टेट बैंक के सीसीटीवी फुटेज औरैया की मेन शाखा में जमा हो गए हैं। एलडीएम दूधनाथ ने बताया कि सभी सीसीटीवी सुरक्षित है।