फोटो-17- नदी के किनारे पर सफाई करती जेसीबी। स्रोत:प्रशासन
औरैया। जिले में खेतों की सिंचाई में अहम भूमिका निभाने वाली पुरहा नदी का कायाकल्प युद्ध स्तर पर चल रहा है।
झाड़ियों से घिरी पुरहा नदी में पुनरुद्धार का काम 13 किलोमीटर के दायरे में पूरा कर लिया गया है। साथ ही 18 किलोमीटर दायरे की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के तहत यह कायाकल्प किया जा रहा है।
डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के आदेश के बाद जिले में छोटी नदी के पुनरुद्धार का कार्य प्रगति पर है। सिंचाई विभाग को नोडल एजेंसी नामित किया गया है। जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे की ओर से इसकी मासिक समीक्षा भी कराई जा रही है। जनपद में पुरहा नदी की लंबाई 31 किलोमीटर है। इसमें सिंचाई विभाग द्वारा 13 किलोमीटर पर कार्य कराया जा चुका है। शेष 18 किलोमीटर की कार्ययोजना जिला गंगा समिति को उपलब्ध करा दी गई है।
बजट आवंटन के बाद कार्य फिर शुरू कराया जाएगा। जून 2026 तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा। इस कार्य को लेकर प्रशासनिक अधिकारी समीक्षा भी कर रहे हैं। जिला गंगा समिति के अध्यक्ष डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि पुरहा नदी के पुनरुद्धार के लिए प्रत्येक माह समीक्षा बैठक की जा रही है।