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अफसरों ने तनातनी की वजह बना नाला देखा

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रेलवे लाइन के किनारे स्थित नाले का निरीक्षण करते एडीएम एवं एसडीएम। संवाद - फोटो : AURAIYA
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दिबियापुर । नगर पंचायत दिबियापुर की अधिशासी अधिकारी के साथ चेयरमैन व सभासदों की तनातनी के बीच गुरुवार देर शाम तक एडीएम न्यायिक व एसडीएम ने नगर पंचायत के रिकार्ड खंगाले। इसके बाद रेलवे लाइन किनारे स्थित उस नाले का भी निरीक्षण किया, जिसे लेकर नगर पंचायत बोर्ड बैठक में तकरार शुरू हुई थी।
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नगर पंचायत बोर्ड की मंगलवार को हुई बैठक में अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव व चेयरमैन अरविंद पोरवाल के साथ सभासदों में तकरार हो गई थी। मामला इतना बढ़ा कि थाने में रिपोर्ट तक दर्ज हो गई। चल रही तनातनी के बीच गुरुवार देर शाम तक अपर जिलाधिकारी न्यायिक मुहम्मद वासित एवं एसडीएम मनोज कुमार सिंह ने नगर पंचायत के रिकार्ड खंगाले। इस दौरान चेयरमैन अरविंद पोरवाल, वरिष्ठ लिपिक नरेंद्र सिंह राजावत, अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव के अलग अलग बयान भी दर्ज किए।
अधिकारियों ने रेलवे लाइन के किनारे स्थित उस नाले का निरीक्षण भी किया। जिस नाले का सभासद प्रमोद बघेल ने मुद्दा उठाया था और तकरार शुरू हुई थी। अधिकारियों को स्थानीय लोगों ने बताया कि नाला न बनने के कारण काफी परेशानियां होतीं हैं। बरसात में रेलवे लाइन किनारे स्थित गलियों और घरों में पानी भर जाता है। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया जाएगा।
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एडीएम मुहम्मद वासित ने पूरे प्रकरण की जांच आख्या बताने से इंकार करते हुए कहा कि मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। इधर, दरोगा कालीचरण ने भी चेयरमैन और सभासदों के बयान दर्ज किए। कुछ कानूनी औपचारिकताएं पूरी कराईं। इसके उपरांत पुलिस फोर्स भी देर शाम को लौट गया। पुलिस फोर्स के थाने लौटने के बाद ही चेयरमैन अरविंद पोरवाल के सैकड़ों समर्थक नगर पंचायत कार्यालय परिसर से निकले। नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी मोनिका उमराव ने एक और तहरीर नगर पंचायत अध्यक्ष अरविंद पोरवाल के खिलाफ दी है। दिबियापुर थाने के प्रभारी निरीक्षक शशिभूषण मिश्रा का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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