औरैया। कन्नौज में मंत्री असीम अरुण के कार्यक्रम के बाद अब जिला पंचायत औरैया की बैठक में अफसरों के न पहुंचने का मामला सामने आया है।
शनिवार को आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों के अफसर न पहुंचने पर जिला पंचायत अध्यक्ष कमल दोहरे नाराज हो गए। वहीं जनप्रतिनिधि भी बैठे रहे। उन्होंने मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से करने की बात कही है। इस गहमागहमी के बीच आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 38.62 करोड़ का बजट भी पास किया गया।
13 मार्च को प्रस्तावित जिला पंचायत की बैठक अपरिहार्य कारणों से निरस्त कर दी गई थी। ऐसे में 18 मार्च को पत्र जारी कर 28 मार्च को बैठक बुलाई गई थी। दोपहर 12 बजे से आयोजित होने वाली बैठक में जनप्रतिनिधि एक बजे के बाद पहुंचे। इसके चलते काफी देर से बैठक शुरू हो सकी।
जिला पंचायत अध्यक्ष कमल दोहरे, भाजपा से सदर विधायक गुड़िया कठेरिया और बिधूना से सपा विधायक रेखा वर्मा भी बैठक में पहुंची थीं। बैठक में पहुंचे सदस्यों के सम्मान का सिलसिला करीब आधे घंटे से अधिक समय तक चला। इसके बाद करीब डेढ़ बजे बैठक शुरू हुई।
बैठक में अपर मुख्य अधिकारी सुभाष चंद्र भारतीय ने बीते वित्तीय वर्ष के लिए 31.97 करोड़ का पुनरीक्षित बजट पेश किया। इसके पास होने के बाद आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 38.62 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया। इसे भी सदस्यों ने पास कर दिया। साथ ही 66.45 करोड़ की आय की उम्मीद जताई गई।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने जैसे ही अधिकारियों के आने के बारे में जानकारी की तो पता चला कि कई विभागों के अफसर आए ही नहीं है। इस पर उन्होंने कहा कि यहां जिले भर के जनप्रतिनिधि हैं, लेकिन अधिकारियों को समय नहीं है। अधिकारियों के न पहुंचने पर जिला पंचायत अध्यक्ष कमल दोहरे नाराज हो गए।
दरअसल, बैठक में डीपीआरओ श्रीकांत यादव, बीएसए संजीव कुमार, एई लघु सिंचाई अजय शुक्ला, जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला उद्यान अधिकारी आदि ही पहुंचे थे। विद्युत निगम, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, जल निगम जैसे विभागों से कोई अफसर नहीं था। इस पर पूरे सदन ने नाराजगी जताई। साथ ही उच्चाधिकारियों को इस संबंध में पत्र लिखने का निर्णय भी लिया गया।
प्रतिनिधियों के बीच कन्नौज में मंत्री असीम अरुण के कार्यक्रम में डीएम व अन्य अधिकारियों के न पहुंचने के मामले की भी चर्चा जोरों पर रही। बैठक में राज्य सभा सांसद गीता शाक्य के प्रतिनिधि मोनू सेंगर, ब्लॉक प्रमुख अछल्दा शरण कुमार सिंह, जिला पंचायत सदस्य विश्वजीत प्रताप सिंह, वंदना, बलवीर सिंह, ब्लॉक प्रमुख सदर नरेंद्र बाल्मीकि, ब्लॉक प्रमुख अजीतमल रजनीश पांडेय आदि मौजूद रहे।
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अवैध प्लॉटिंग का मुद्दा भी गूंजा
बैठक में सदस्यों ने अवैध प्लॉटिंग व निर्माण पर जिला पंचायत द्वारा की गई कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। इस पर सदर विधायक गुड़िया कठेरिया ने अवैध निर्माण पर शुरुआत से ही नजर रखने और उसे तत्काल रोकने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि आम आदमी अगर निर्माण करता है और बाद में उसे ध्वस्त कराया जाता है तो इससे जनता का नुकसान होता है। ऐसे में शुरुआती चरण में ही ऐसी प्लॉटिंग और निर्माण कार्यों को रोका जाए। अपर मुख्य अधिकारी ने बताया कि बैठक का कोरम पूरा था। सर्वसम्मति से सभी प्रस्ताव पारित किए गए।
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सपा विधायक ने साधी चुप्पी, सदस्यों ने किया किनारा
बैठक में बिधूना विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक रेखा वर्मा भी पहुंची थीं। वह पूरी बैठक के दौरान मौजूद तो रहीं, लेकिन उन्होंने किसी विशेष मुद्दे को नहीं उठाया। पूरी बैठक के दौरान वह चुप्पी ही साधे रहीं। वहीं दूसरी तरफ कई सदस्य भी बैठक से किनारा कर गए। कुल 23 जिला पंचायत सदस्यों में से 12 सदस्य ही मौजूद रहे, इससे महज कोरम ही पूरा हो सका। इसकी भी जिला पंचायत में चर्चा रही।
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ये प्रस्ताव भी हुए पास
-50 हजार तक की संपत्ति रखने वाले व्यापारियों को करमुक्त रखने का निर्णय लिया गया।
-जिला पंचायत कार्यालय व आवासीय भवन के निर्माण को मंजूरी दी गई।
-बिधूना और भीखेपुर में जिला पंचायत की जमीन पर दुकान निर्माण का निर्णय लिया गया।
-दुकानों व व्यवसायों पर लाइसेंस शुल्क में वृद्धि का निर्णय लिया गया।