औरैया। शहर में हुई संविदा नलकूप संचालक की हत्या में शामिल नगर पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता के भतीजे हिमांशु गुप्ता ने सोमवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
इसके बाद जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने उसे झूठा फंसाए जाने का तर्क दिया। कोर्ट ने उसे सशर्त जमानत दे दी। उधर, पुलिस को चकमा देकर वह दिल्ली, मुंबई में अलग-अलग जगह छिपता घूम रहा था।
29 दिसंबर 2025 को नगर पालिका इंटर कॉलेज स्थित नलकूप पर मोहल्ला गोविंद नगर निवासी ऑपरेटर किशन गुप्ता की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज कर जांच शुरू की। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता के भतीजे हिमांशु गुप्ता का नाम प्रकाश में आया।
विवेचना में जुटी पुलिस के समक्ष पालिकाध्यक्ष के भतीजे का नाम आने पर वह शहर छोड़ गया था। पुलिस उसकी तलाश में रिश्तेदारों और सगे संबंधियों तक खाक छान रही थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार वह दिल्ली, मुंबई और बड़े शहरों में आसरा लिए था। यही वजह रही कि पुलिस उस तक पहुंच नहीं सकी। अंत में चार दिन पहले उसे भगोड़ा घोषित करना पड़ा।
10 जुलाई को कोतवाली पुलिस उसके घर पहुंची और उसे भगोड़ा घोषित करते हुए 24 घंटे में सरेंडर करने का अल्टीमेटम दिया। सोमवार को आरोपी ने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट सरेंडर कर दिया। इसके बाद उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई की गई।
कोर्ट ने आरोपी हिमांशु गुप्ता को 20 हजार रुपये जमानत और इतनी ही राशि का मुचलका प्रस्तुत करने पर न्यायिक हिरासत से मुक्त करने का आदेश जारी कर दिया। उधर, सदर कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्यवाही चल रही है।