थाना दिबियापुर परिसर में निर्माणाधीन टाइप टू महिला आवासों की गुणवत्ता परखने को एसपी पुलिस अमला के साथ पहुंचे।
पुलिस अधीक्षक मनोज तिवारी ने भविष्य में यहां रहने वालों की परेशानियों को देखते हुए निर्माणाधीन आवासों की ड्राइंग में कई परिवर्तन कराए। आवासों और सड़क के बीच में बने अनाधिकृत सुलभ कांपलेक्स (शौचालय) को तोड़ने के अधीनस्थों को निर्देश दिए।
एसपी मनोज तिवारी ने थाना परिसर में रखे लावारिस वाहनों की नीलामी करने को थानाध्यक्ष को निर्देशित किया। इसके उपरांत निर्माणाधीन आवासों की गुणवत्ता को परखा। यहां महिला हेड कांस्टेबलों के लिए निर्माणाधीन टाइप टू के दो आवासों का निरीक्षण किया।
आवासों में एअर कंडीशन लगाने के लिए स्थान छोड़ने के लिए कहा। इसके बाद परिसर में 12 गुणा आठ मीटर जगह में निर्मित होने वाले जेंटस हास्टल की नापजोख कराई।
जेंटस हास्टल में 12 सूट 12 पुलिसकर्मियों के रहने के लिए बनेंगे। 10 महिला हेड कांस्टेबलों के रहने के लिए पास में ही 20 गुणा नौ मीटर जगह में निर्मित होने वाले बैरक के निर्माण की भी नापजोख कराई।
थाने के मुख्य गेट पर बने मंदिर के ठीक पीछे पांच गुणा 10 मीटर जगह में बनने वाले विजिटर रिसेप्शन रूम की भी नापजोख हुई।
पुलिस आवास निगम आगरा से पहुंचे अवर अभियंता मिलाप सिंह यादव ने बताया कि यह आवास, बैरक एवं विजिटर रिसेप्शन रूम अगले तीन माह में बनकर तैयार हो जाएगा। एएसपी विपुल कुमार श्रीवास्तव, सीओ सिटी रमेश कुमार भारतीय, थानाध्यक्ष मो.फहीम अख्तर आदि मौजूद रहे।