गर्मी से राहत पाने के लिए फफूंद रोड पर नहर में छलांग लगाते बच्चे।
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19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह तापमान छह सालों में सबसे अधिक है। मौसम विशेषज्ञों ने खेतों में लहलहा रही फसलों पर अधिक तापमान का असर पड़ने की आशंका जताई है। मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को बढ़ते तापमान के चलते नमी बनाए रखने की सलाह दी है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस रहा। आर्द्रता 70 प्रतिशत और 10 प्रतिशत रिकार्ड की गई।
हवाओं की गति सात से आठ किलो मीटर प्रति घंटा रही। वहीं मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि हवाएं पश्चिम उत्तर दिशा में चलीं। मौसम विशेषज्ञों ने आने वाले दो दिनों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के ऊपर जाने के आसार जताए हैं।
सीएसए के मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि बढ़ता तापमान खेतों मेें लहलहा रही फसलों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। किसान खेतों में खड़ी फसल को बढ़ते तापमान से बचाने के लिए सिंचाई जरूर करें। खेतों में नमी बनाए रखें।
विशेषज्ञों ने बताया कि बढ़ते तापमान से पशुओं में पानी की कमी को पूरा करने के लिए उन्हें बार-बार पानी पिलाया जाए। इस दौरान होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए उन्हें ठंडे स्थान पर रखें। पशुओं को कम से कम दो दिन में एक बार जरूर नहलाएं।
वर्ष तापमान(डिग्री सेल्सियस में)
2011 32.5
2012 39.0
2013 37.2
2014 30.0
2015 41.4
2016 42.4
2017 44 के पार