फोटो-08एयूआरपी -11 अंतिम संस्कार से पहले घर के बाहर गमगीन माहौल में मौजूद लोग।
अजीतमल। अमावता गांव में रविवार को सड़क हादसे में एक ही परिवार में भतीजे, चाची व दो साल की बच्ची की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद तीनों के शव जब घर लाए गए तो कोई भी अपने आंसू नहीं रोक पाया।
सोमवार को चाची और भतीजे की अर्थी एक साथ उठाई गई। वहीं बच्ची को परिजनों ने जल में प्रवाहित कर दिया। अजीतमल कोतवाली के गांव अमावता निवासी धर्मेंद्र का बेटा कवींद्र प्रताप सिंह उर्फ कपिल (24) रविवार की सुबह अपनी चाची सोनी (34) के साथ बाइक से चचेरी बहन परी (02) की दवा लेने इटावा गया था।
दोपहर में वापस आते समय इटावा के महेवा के पास ओवरब्रिज पर एक पिकअप चालक ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी थी। हादसे में तीनों की मौत हो गई थी।
पोस्टमार्टम के बाद रविवार रात करीब 11 बजे तीनों के शव गांव लाए गए। परिवार में तीन की मौत होने से परिजन बेसुध हो गए।सोमवार की सुबह उनका अंतिम संस्कार किया गया।
घटना को लेकर कपिल के पिता धर्मेंद्र व चाची सोनी के पति व बच्ची परी के पिता हरिश्चंद्र बेहाल रहे। नाते रिश्तेदार व गांव के लोग उन्हें संभालते नजर आए।
इस हृदयविदारक घटना को लेकर क्षेत्र के लोग भी गांव पहुंचे। मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाया गया। परिजनों ने मासूम के शव को सिकरोड़ी घाट ले जाकर यमुना नदी में प्रवाहित कर दिया।
वहीं चाची व भतीजा के शवों को गांव में मुखाग्नि दी गई। एक साथ उठी तीन अर्थियों से क्षेत्र में मातम रहा। गांव पहुंचे भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सर्वेश दोहरे, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सरिता दोहरे ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।