औरैया। भतीजे से परेशान 74 वर्षीय बुजुर्ग वेदप्रकाश को न्याय की उम्मीद जगी है। ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते बंद दीवानी न्यायालय में बुजुर्ग ने प्रकीर्ण प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी जनपद न्यायाधीश ने बुजुर्ग को न्यायालय में वाद दायर करने की विशेष अनुमति दी है। प्रार्थी वेदप्रकाश ने न्यायालय को अवगत कराया कि शहर के मोहल्ला बघाकटरा में स्थित पैतृक मकान में वह अपने भतीजे शिवम सोनी के साथ सह-मालिक हैं। यह संपत्ति उन्हें पिता की गई वसीयत से प्राप्त हुई थी।
आरोप है कि उसका भतीजा शिवम, न्यायालय के ग्रीष्मकालीन अवकाश का फायदा उठाकर मकान में तोड़फोड़ कर रहा है। वह मकान को ध्वस्त कर बाउंड्रीवॉल बना रहा है ताकि बिना बंटवारे के ही बुजुर्ग के हिस्से की संपत्ति किसी अन्य व्यक्ति को बेच सके।
बुजुर्ग ने प्रशासन और पुलिस से शिकायत की लेकिन उन्हें केवल यह कहकर वापस भेज दिया गया कि वे न्यायालय से स्टे लेकर आएं। प्रार्थी ने अपनी याचिका में कहा कि मकान को तोड़कर बेच दिया गया तो उन्हें ऐसी क्षति होगी जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकेगी।
सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि मामला गंभीर है और बुजुर्ग वादी बीमार भी रहते हैं। प्रभारी जनपद न्यायाधीश ने कहा कि अवकाश के दौरान भी किसी न्यायिक अधिकारी के न होने पर उनके लिंक अधिकारी अर्जेंट कार्य देखते हैं। बुजुर्ग को राहत देते हुए वाद दायर करने की अनुमति दे दी गई।