श्रद्धा और आस्था के प्रतीक फतेहपुर मंदिर में भक्तों की भीड़ रोजाना बढ़ती जा रही है। कहते हैं कि भोले बाबा मंदिर की चौखट पर पहुंचने वाले भक्तों पर अपनी असीम कृपा बरसाते हैं। कस्बे के चार किलोमीटर दूर फतेहपुर स्थित महादेव बाबा का मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है।
वरुण और पवन देवता के मध्य बिराजे हैं भगवान- औरैया। भोले बाबा के धाम में भगवान शिव की मूर्ति के दोनों ओर वरुण और पवन देवता विराजमान है। तीन देवताओं की अद्भुत प्रतिमा के दर्शन को प्रतिवर्ष हजारों वर्ष मंदिर में माथा टेकना नहीं भूलते हैं।
विपत्तियों ने भगवान पर बढ़ा दी आस्था- औरैया। भोले बाबा के इस मंदिर में भक्तों की आस्था ऐेसे ही नहीं बढ़ गई। गांव के अरविंद त्रिपाठी बताते हैं कि धर्म के विरुद्ध चलने वाले का अनिष्ट होता है। गांव के ह्रदय नारायण मिश्रा बताते हैं कि मंदिर का कुछ हिस्सा हाइवे रोड फुटपाथ के किनारे पड़ता है।
ग्रामीणों ने हाइवे के अधिकारियों को मंदिर स्थानांतरण न करने की सलाह दी थी। बावजूद इसके अधिकारियों ने जेसीबी मशीन लगाकर मंदिर को हटाने का प्रयास किया तो परिसर में कई सांप निकल आए थे। इसके बाद अधिकारी काम छोड़कर मौके से भाग गए थे। तब किसी पुजारी ने उन्हें महा मृत्युंजय जाप कराने की सलाह दी।
वहीं क्षेत्र के विश्वनाथ सिंह पाल बताते हैं कि यह मंदिर सिद्ध मंदिर हैं। उन्होंने हाइवे निर्माण कंपनी के उप प्रबंधक अरुण शर्मा को पंच पोखरा के महंत दयालु जी महाराज से मिलाकर महा मृत्युंजय जाप कराया था। इसके बाद ही अनिष्ट को दूर किया जा सका।
बाकरपुर ग्राम प्रधान का कहना है कि यह मंदिर बाकरपुर, हसुलिया, करमपुर और फतेहपुर आदि गांवों की रक्षा करते हैं, यहां सावन मास में कानपुर, आगरा, जालौन, भिंड आदि नगरों से आकर अनिष्ट से बचने की मंगल कामना करते हैं।